नयी दिल्ली, 22 जून दिल्ली उच्च न्यालालय ने सोमवार को पुलिस को राजद्रोह के मामले में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम खान के खिलाफ 31 जुलाई तक कोई भी जबरिया कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया ।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस मामले की सुनवाई करते हुए खान को मिली अंतरिम राहत की अवधि बढ़ा दी। न्यायमूर्ति ओहरी ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में दाखिल की गयी स्थिति रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया।
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उच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 31 जुलाई तय की।
उच्च न्यायालय खान की अर्जी पर सुनवाई कर रहा है जिसमें याचिकाकर्ता ने अपने विरूद्ध दर्ज राजद्रोह के मामले में अपनी उम्र, स्वास्थ्य मुद्दों और कोरोना वायरस संक्रमण के जोखिम का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है। खान ने वकील वृंदा ग्रोवर के मार्फत यह याचिका दायर की है।
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उच्च न्यायालय ने इससे पहले पुलिस को कहा था कि यदि खान को जांच के लिए बुलाया जाता है तो उन्हें इसकी पूर्व सूचना दी जाए। अदालत ने पुलिस से अग्रिम जमानत अर्जी पर स्थिति रिपोर्ट भी मांगी थी।
28 अप्रैल को खान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था जिसमें कथित रूप से राजद्रोह और नफरत वाले बयान थे।
दो मई को एक शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने राजद्रोह, धर्म, जाति, जन्मस्थान, आवास और के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच नफरत की भावना फैलाने संबंधी कथित अपराधों को लेकर खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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