न्यायालय ने अर्नब गोस्वामी को तीन सप्ताह का संरक्षण प्रदान किया
ये प्राथमिकी महाराष्ट्र के पालघर में हाल ही में हिंसक भीड़ द्वारा दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट पीट कर हत्या की घटना से संबंधित कार्यक्रम में कथित रूप से अपमानजनक बयानों के संबंध में दर्ज करायी गयी हैं।
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने रिपब्लिकन टीवी के मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी को उनके खिलाफ कई राज्यों में प्राथमिकी दर्ज किये जाने के मामलों में बृहस्पतिवार को अंतरिम संरक्षण प्रदान कर दिया।
ये प्राथमिकी महाराष्ट्र के पालघर में हाल ही में हिंसक भीड़ द्वारा दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट पीट कर हत्या की घटना से संबंधित कार्यक्रम में कथित रूप से अपमानजनक बयानों के संबंध में दर्ज करायी गयी हैं।
न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के कथन का संज्ञान लिया और कहा कि गोस्वामी को समाचार चैनलों से प्रसारित कार्यक्रम में कथित अपमानजनक बयानों के मामले में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण मिला रहेगा।
पीठ ने यह भी कहा कि गोस्वामी तीन सप्ताह के बाद इन प्राथमिकी के सिलसिले में अग्रिम जमानत दायर कर सकते हैं और उन्हें जांच एजेन्सी के साथ सहयोग करना चाहिए।
न्यायालय ने अर्नब को अपनी याचिका में संशोधन करके उनके खिलाफ शिकायतें दायर करने वाली सभी शिकायतकर्ताओं को शीर्ष अदालत में प्रतिवादी बनाने की अनुमति दे दी। न्यायालय ने इन सभी प्राथमिकी को एकसाथ करने का अनुरोध करने की अनुमति प्रदान कर दी।
अर्नब ने इस याचिका में इन प्राथमिकी को निरस्त करने और दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करने का अनुरोध किया था। याचिका में कहा गया था कि देश के विभिन्न हिस्सों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2020 01:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

