मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने दिल्ली सरकार को अतिरिक्त समय दे दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 30 जुलाई को सूचीबद्ध कर दिया।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 21 मई को दिल्ली सरकार को, डीएमसी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए 22 जून तक का वक्त दिया था।
दिल्ली सरकार के वकील ने मंगलवार को और वक्त मांगा तथा कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण विधि विभाग कम क्षमता के साथ काम कर रहा है, इसलिए जवाब को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।
दिल्ली सरकार को जवाब दायर करने के लिए वक्त देते हुए पीठ ने साफ किया कि आयोग के अध्यक्ष जफर-उल-इस्लाम खान को पद हटाने के अनुरोध पर 21 मई वाला आदेश लागू रहेगा, जिसमें दिल्ली सरकार को इस पर फैसला करने के लिए दो हफ्तों का निर्देश दिया गया था और अनुरोध का निपटान कर दिया गया था।
यह भी पढ़े | Home Isolation Tips: होम आइसोलेशन में क्या है जरूरी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने दी टिप्स.
अदालत ने कहा कि अब वह सिर्फ डीएमसी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती को ही देखेगी।
याचिकाकर्ता विक्रम गहलोत की ओर से पेश हुए वकील धनंजय जैन ने कहा कि अदालत द्वारा दिया गया दो हफ्ते का समय बहुत पहले खत्म हो गया, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
दिल्ली सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट के संबंध में खान का जवाब विधि विभाग को मिल गया है जहां यह विचार के लिए लंबित है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY