देश की खबरें | न्यायालय ने वीरप्पन के सहयोगी ज्ञानप्रकाश की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को चंदन तस्कर वीरप्पन के सहयोगी ज्ञानप्रकाश की अंतरिम जमानत बढ़ा दी।
नयी दिल्ली, 17 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को चंदन तस्कर वीरप्पन के सहयोगी ज्ञानप्रकाश की अंतरिम जमानत बढ़ा दी।
ज्ञानप्रकाश को कर्नाटक में 1993 के पलार विस्फोट में शामिल होने के लिए सख्त टाडा के तहत दोषी ठहराया गया था। इस विस्फोट में लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मियों और वनकर्मियों की जान चली गई थी।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने ज्ञानप्रकाश (63) को दी गई अंतरिम राहत को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया।
ज्ञानप्रकाश 27 साल से जेल में बंद है और उसकी पत्नी सेल्वा मैरी द्वारा दायर याचिका पर स्वास्थ्य आधार पर 28 नवंबर, 2022 को अंतरिम जमानत दी गई थी।
उनके वकील ने पीठ को सूचित किया कि वह जानलेवा बीमारी से पीड़ित हैं।
कर्नाटक सरकार की ओर से अदालत में पेश वकील ने कहा कि उसकी हालत को देखते हुए राज्य ने ज्ञानप्रकाश को समय से पहले रिहा करने का फैसला किया है और इसके लिए गृह मंत्रालय को एक पत्र भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि टाडा के दोषियों की सजा माफ करने पर आम तौर पर विचार नहीं किया जाता है।
पीठ ने केंद्र की ओर से अदालत में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से इस संबंध में निर्देश लेने को कहा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)