देश की खबरें | न्यायालय ने उप्र में 750 से अधिक निजी तकनीकी कॉलेजों को मंजूरी देने की समयसीमा 15 सितंबर तक बढ़ाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने चार लाख से अधिक विद्यार्थियों के हित के मद्देनजर शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए उत्तर प्रदेश में 750 से अधिक निजी तकनीकी संस्थानों को संबद्धता प्रदान करने की अंतिम तिथि बढ़ाने का आदेश दिया है।
नयी दिल्ली, सात सितंबर उच्चतम न्यायालय ने चार लाख से अधिक विद्यार्थियों के हित के मद्देनजर शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए उत्तर प्रदेश में 750 से अधिक निजी तकनीकी संस्थानों को संबद्धता प्रदान करने की अंतिम तिथि बढ़ाने का आदेश दिया है।
शीर्ष अदालत ने 2013 में ‘पार्श्वनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट’ और अन्य बनाम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था और पूरे देश में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों में शैक्षणिक सत्रों के लिए परीक्षा, काउंसलिंग और प्रवेश के लिए समयसीमा तय की थी।
उत्तर प्रदेश तकनीकी संस्थान फाउंडेशन (यूपीटीआईएफ) ने शीर्ष अदालत का रुख किया और दावा किया कि 2023-24 के शैक्षणिक सत्र के लिए मंजूरी प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को प्राप्त आवेदनों पर शीर्ष अदालत द्वारा तय की गई समयसीमा 15 मई तक निर्णय नहीं लिया गया।
राज्य सरकार हर साल 15 मई तक तकनीकी संस्थानों को मंजूरी देने या नहीं देने पर निर्णय लेने के लिए बाध्य हैं।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्र की पीठ ने वकील अभिनव गौड़ और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी की दलीलों पर ध्यान दिया कि विद्यार्थियों, यूपीटीआईएफ और निजी तकनीकी कॉलेजों को बिना उनकी किसी गलती के शैक्षणिक सत्र के नुकसान से जूझना होगा।
उत्तर प्रदेश तकनीकी संस्थान फाउंडेशन (यूपीटीआईएफ) की ओर से पेश सिंघवी ने संबद्धता प्रदान करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित तकनीकी संस्थानों और पाठ्यक्रमों के संबंध में काउंसलिंग के लिए 15 सितंबर के बाद एक महीने का समय दिया जाए।
अदालत ने करीब चार लाख विद्यार्थियों के करिअर पर विचार करते हुए समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
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