देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार के सीईटी में अंकों के सामान्यीकरण से जुड़ी छात्रों की याचिका अदालत ने खारिज की
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मुंबई, 11 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने एमबीए पाठ्यक्रम 2023 में प्रवेश के लिए महाराष्ट्र सरकार के ‘कॉमन एंट्रेंस टेस्ट’ (सीईटी) प्रकोष्ठ द्वारा अपनाई गई अंकों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया के खिलाफ 154 छात्रों द्वारा दायर याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति नीला गोखले की एक खंडपीठ ने याचिका को ‘‘निरर्थक’’ करार दिया और कहा कि परीक्षा में बैठने वाले एक लाख से अधिक छात्रों में से केवल याचिकाकर्ताओं ने आपत्तियां उठाई हैं।
अदालत ने कहा, ‘‘यहां 154 याचिकाकर्ता उन एक लाख से अधिक छात्रों का प्रतिनिधित्व नहीं करते जो परीक्षा में शामिल हुए थे। यह वास्तव में यह भी बता रहा है कि याचिका में की गई सभी शिकायतें परीक्षा आयोजित होने और परिणाम घोषित होने के बाद ही की गई हैं।’’
अदालत ने कहा कि वह केवल इसलिए जुर्माना लगाने से परहेज कर रही है क्योंकि याचिकाकर्ता छात्र हैं।
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सीईटी फिर से आयोजित करने का अनुरोध किया है। अदालत ने कहा, ‘‘प्रवेश परीक्षा देने वाले लाखों अन्य लोगों के बारे में कोई विचार नहीं किया गया। याचिकाकर्ता सभी उम्मीदवारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।’’
यह आदेश 154 छात्रों द्वारा दायर याचिका पर पारित किया गया जिसमें कुछ छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने के बाद सीईटी सेल द्वारा अपनाई गई अंक प्रक्रिया के सामान्यीकरण पर आपत्ति जताई गई थी।
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