देश की खबरें | न्यायालय ने महिला अधिकारी को थलसेना में स्थायी कमीशन देने का निर्देश दिया

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर गौर करने के बाद एक महिला अधिकारी को सेना में स्थायी कमीशन देने का बुधवार को निर्देश दिया कि उसके खिलाफ कोई अनुशासन या सतर्कता संबंधी मामला लंबित नहीं है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने लेफ्टिनेंट कर्नल सोनी शर्मा की अर्जी स्वीकार कर ली।

भारत संघ और सेना के अधिकारियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील आर बालासुब्रमण्यन ने कहा कि हालांकि शुरुआत में शर्मा को अस्थायी रूप से निचली चिकित्सकीय श्रेणी में रखा गया था, लेकिन वह अक्टूबर 2001 के बाद से लगातार ‘शेप-1’ दर्जा बरकरार रखने में सफल रही हैं।

शर्मा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील वी मोहना ने कहा कि वह चिकित्सा संबंधी मामलों के कारण कुछ समय के लिए ‘शेप-1’ का दर्जा अस्थायी रूप से बरकरार नहीं कर पाई थीं।

पीठ ने कहा, ‘‘सोच-विचार करने के बाद न्यायालय की भी यही राय है और अन्य अधिकारियों के मामले में पारित पूर्ववर्ती आदेशों के संदर्भ में भी यही उचित होगा कि लेफ्टिनेंट कर्नल सोनी शर्मा को स्थायी कमीशन दिया जाए। शर्मा अक्टूबर 2001 के बाद से न्यायालय को सूचित किए जाने तक लगातार ‘शेप-1’ दर्जा बरकरार रखने में सफल रही हैं।’’

उसने कहा, ‘‘इसके अलावा, यह स्वीकार किया जाता है कि अधिकारी के खिलाफ कोई अनुशासन या सतर्कता संबंधी मामला लंबित नहीं है, इसलिए लेफ्टिनेंट कर्नल सोनी शर्मा को स्थायी कमीशन दिया जाना चाहिए और एक सप्ताह की अवधि के भीतर आवश्यक आदेश दिए जाने चाहिए।’’

केंद्र और सेना ने पहले न्यायालय को बताया था कि उसके पिछले साल के फैसले के बाद 615 महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों (डब्लूएसएससीओ) में से 487 को स्थायी कमीशन प्रदान किया गया है।

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