देश की खबरें | न्यायालय ने राज्यों को कोविड से मौतों को लेकर मुआवजे के लिए व्यापक प्रचार के बारे में बताने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 से हुई मौतों पर दावों की कम संख्या को लेकर सोमवार को चिंता प्रकट की और राज्य सरकारों को इस बात से अवगत कराने का निर्देश दिया कि मुआवजे की योजना के बारे में क्या व्यापक प्रचार किया गया है।

नयी दिल्ली,29 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 से हुई मौतों पर दावों की कम संख्या को लेकर सोमवार को चिंता प्रकट की और राज्य सरकारों को इस बात से अवगत कराने का निर्देश दिया कि मुआवजे की योजना के बारे में क्या व्यापक प्रचार किया गया है।

न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति बी. वी नागरत्ना की पीठ ने सभी राज्यों क मुख्य सचिवों को दर्ज मौतों की संख्या, दावों के लिए अब तक प्राप्त फॉर्म(आवेदन) और जिन लोगों को मुआवजे की राशि वितरित की गई है, उनकी संख्या पर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

शीर्ष न्यायालय ने उन्हें इस बात से भी अवगत कराने का निर्देश दिया कि क्या प्रत्येक जिले में कोई शिकायत निवारण समिति गठित की गई है या नहीं और क्या मुआवजे की योजना के बारे में व्यापक प्रचार किया गया तथा मुआवजे की राशि देने के लिए आवेदन आमंत्रित करने को लेकर क्या कोई विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है या नहीं।

पीठ ने कहा, ‘‘सभी राज्यों द्वारा विस्तृत ब्योरा गृह मंत्रालय, भारत संघ/एनडीएमए को तीन दिसंबर 2021 को या इससे पहले दिया जाए। उपरोक्त पहलुओं पर स्थिति रिपोर्ट भी संबद्ध राज्यों द्वारा सुनवाई की तारीख को या उससे पहले सौंपी जाए।’’

शीर्ष न्यायालय कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों को अनुग्रह राशि देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

शीर्ष न्यायालय ने गुजरात सरकार को मुआवजे के वितरण के लिए आवेदन आमंत्रित करने को लेकर एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी बनाने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने कहा कि कई राज्यों में प्राप्त फॉर्म/दावों की संख्या काफी कम है।

पीठ ने कहा, ‘‘यहां तक कि कुछ राज्यों ने कोई विवरण नहीं दिया है। उदाहरण के लिए आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, महाराष्ट्र तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ , जम्मू कश्मीर, लद्दाख ने केंद्र सरकार को कोई सूचना नहीं मुहैया कराई है। ’’

न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह दिसंबर की तारीख तय की है।

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