देश की खबरें | न्यायालय ने राज्यों को कोरोना अस्पतालों में आग से सुरक्षा की जांच के लिए समिति बनाने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों को हर जिले में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया जो हर महीने कम से कम एक बार कोविड-19 अस्पतालों में आग से बचाव की स्थिति की जांच करेगी तथा किसी भी कमी के बारे में अस्पताल प्रबंधन को सूचित करेगी और आगे की कार्रवाई करने के लिए सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों को हर जिले में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया जो हर महीने कम से कम एक बार कोविड-19 अस्पतालों में आग से बचाव की स्थिति की जांच करेगी तथा किसी भी कमी के बारे में अस्पताल प्रबंधन को सूचित करेगी और आगे की कार्रवाई करने के लिए सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जिन कोविड​-19 अस्पतालों ने संबंधित अग्निशमन विभाग से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त नहीं किया है, उन्हें तुरंत एनओसी के लिए आवेदन करने के लिए कहा जाना चाहिए और आवश्यक जांच करने के बाद इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

पीठ ने कहा कि जिन कोविड ​​अस्पतालों ने अपने एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत इसके लिए कदम उठाने चाहिए। अगर पाया जाता है कि कोविड अस्पताल के पास एनओसी नहीं है या उसने नवीकरण नहीं कराया है तो राज्य द्वारा उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस पीठ में न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह भी शामिल हैं।

न्यायालय ने निर्देश दिया कि अगर पहले से ही नियुक्त नहीं किया गया हो तो सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को प्रत्येक कोविड ​​अस्पताल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना चाहिए जो सभी अग्नि सुरक्षा उपायों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, "राज्य सरकार को महीने में कम से कम एक बार प्रत्येक कोविड ​​अस्पताल में अग्नि सुरक्षा की जांच के लिए हर जिले में एक समिति का गठन करना चाहिए...।’’

न्यायालय ने गुजरात के राजकोट के एक कोविड-19 अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद इस संबंध में पिछले महीने संज्ञान लिया था। उस घटना में पांच मरीजों की मौत हो गई थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\