देश की खबरें | सरकार के खिलाफ आदेश जारी करने पर लोकसेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार की कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती:उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि किसी लोकसेवक या सांविधिक प्राधिकार द्वारा जारी किया गया गलत या सरकार के पक्ष में नहीं दिया गया आदेश उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला व आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की पर्याप्त वजह नहीं हो सकती है।
कोच्चि, 12 जुलाई केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि किसी लोकसेवक या सांविधिक प्राधिकार द्वारा जारी किया गया गलत या सरकार के पक्ष में नहीं दिया गया आदेश उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला व आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की पर्याप्त वजह नहीं हो सकती है।
बिक्री कर सहायक आयुक्त के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और संबद्ध कार्यवाही निरस्त करते हुए उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किया। उनके खिलाफ इस आधार पर कार्यवाही की गई थी कि एक कंपनी द्वारा फाजिल कर के रूप में जमा की गई 50,18,606 रुपये उसे लौटाने का निर्देश देने संबंधी उनके आदेश से सरकार को नुकसान हुआ।
वाणिज्यिक कर आयुक्त की शिकायत पर अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई थी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि लोकसेवक का आदेश सरकार के पक्ष में नहीं होना भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत लोकसेवक के खिलाफ अभियोजन का आधार नहीं हो सकता, जब तक कि यह आरोप नहीं हो कि लोकसेवक का आदेश जारी करने में कोई परोक्ष मकसद था।
न्यायमूर्ति आर नारायण पिशारदी ने कहा, ‘‘इस मामले में अभियोजन ने ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है कि याचिकाकर्ता (सहायक आयुक्त) ने रिश्वत ली थी या उनके द्वारा जारी आकलन आदेश अप्रासंगिक था। ’’
अदालत ने कहा कि अधिकारी के अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया की पवित्रता को लेकर भ्रमित नहीं होना चाहिए।
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