दुनिया में कोरोना वायरस की सबसे अधिक मार एक अरब दिव्यांगों पर पड़ी: संयुक्त राष्ट्र
उनका वीडियो संदेश संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के साथ जारी किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में करीब 15 फीसद लोग दिव्यांग और 46 फीसद लोग 60 साल से अधिक उम्र के हैं।
गुतारेस ने कहा कि यह महामारी इस बात को सामने ला रही है कि किस हद तक लोग हाशिये पर हैं तथा दिव्यांग जन गरीबी, हिंसा की उच्च दर, उपेक्षा एवं उत्पीड़न जैसी जिन असमानताओं को सामना कर हैं, उसे यह और बढ़ा रही है।
उनका वीडियो संदेश संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के साथ जारी किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में करीब 15 फीसद लोग दिव्यांग और 46 फीसद लोग 60 साल से अधिक उम्र के हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी वर्तमान में स्वास्थ्य समस्याओं के साथ जी रहे लोगों के लिए अधिक गंभीर है तथा उनकी मृत्यु की संभावना को बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जो दिव्यांग और बुजुर्ग वृद्धाश्रमों एवं विभिन्न संस्थाओं में रह रहे हैं, अधिक जोखिम की स्थिति में हैं क्योंकि उनके समक्ष स्वास्थ्य देखभाल, साफ-सफाई और एक दूसरे से दूरी संबंधी मुश्किलें पेश हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ देशों में स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण ‘‘उम्र या गुणवत्ता या जीवन के महत्व की धारणा, जिसका आधार दिव्यांगता है, जैसे भेदभावों पर आधारित है।
गुतारेस ने कहा, ‘‘ हम इसे जारी नहीं रहने दे सकते। हमें इस बात की बिल्कुल गारंटी देनी चाहिए कि इस महामारी के दौरान दिव्यांगों को स्वास्थ्य देखभाल एवं जीवन रक्षक प्रक्रियाओं का समान अधिकार मिले।’’
इस रिपोर्ट में दिव्यांगो को इस वायरस से संक्रमित होने से बचाने, लॉकडाउन,एक दूसरे से दूरी के प्रभाव से निपटने की रूपरेखा तय की गयी है।
रिपेार्ट में व्यापक सहयोग एवं राजनीतिक प्रतिबद्धता का आह्वान किया गया है ताकि दिव्यांगों को इस संकट से उबरने के लिए तत्काल स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा सेवाओं समेत जरूरी सेवाएं उपलब्ध हों।
एपी
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(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2020 04:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

