‘कोरोना वायरस ने भारतीय न्यायपालिका के प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का मौका दिया’
न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने कहा कि महामारी के प्रकोप के फौरन बाद हम उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों और देश की 17,000 से अधिक अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग शुरू करने के लिए एक बुनियादी ढांचा बनाने में सक्षम हुए।
नयी दिल्ली, 13 मई उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने भारतीय न्यायपालिका के प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का मौका दिया है।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने कहा कि महामारी के प्रकोप के फौरन बाद हम उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों और देश की 17,000 से अधिक अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग शुरू करने के लिए एक बुनियादी ढांचा बनाने में सक्षम हुए।
उच्चतम न्यायालय की ई समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने कहा, “ बिना किसी नोटिस के महामारी हम पर आ गिरी, लेकिन महामारी ने भारतीय न्यायपालिका के प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का मौका दिया है। आज सवाल यह नहीं है कि हमें प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए बल्कि यह है कि हम प्रौद्योगिकी को कितनी अच्छी तरह अपनाएंगे। ”
उन्होंने इंटरनेट के जरिए वर्चुअल कोर्ट परियोजना के दूसरे चरण का उद्घाटन करते हुए कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन के चालानों के ऑनलाइन भुगतान से प्रणाली की दक्षता में काफी सुधार हुआ है।
वर्चुअल कोर्ट्स 2.0 परियोजना को उच्चतम न्यायालय की ई-समिति, दिल्ली उच्च न्यायालय की आईटी टीमें, यहां जिला अदालतें और दिल्ली यातायात पुलिस ने शुरू किया है। यातायात पुलिस कैमरों के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ रही है और उन्हें चालान भेज रही है।
ऑनलाइन संगोष्ठी में न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने कहा कि कुछ वक्त पहले दो ऑनलाइन (वर्चुअल) अदालतों का उद्घाटन किया गया था। शायद पिछले 15 मिनट में 95,000 रुपये के चालानों का ऑनलाइन भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अदालतों से दिल्ली की जिला अदालतों के 20 न्यायाधीशों को मुक्त करने में सक्षम रहें, नहीं तो उन्हें अदालतें लगानी पड़तीं। अब यह न्यायाधीश अपना वक्त सिर्फ न्यायिक काम को दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की मिसाल का अनुसरण देश में अन्य जगहों पर भी हो रहा है और महाराष्ट्र में इस शुक्रवार से ऑनलाइन चालान अदालतें शुरू होंगी और हरियाणा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश भी इसी राह पर हैं।
इस कार्यक्रम में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल ने कहा कि यह पहल कामयाब रही है। ऑनलाइन अदालतों ने सात मई तक 7,30,789 चालानों का निपटान किया है।
इस कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस के कौल, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शकधर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति नवीन चावला भी थे। उनके अलावा दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव भी थे।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 11:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

