कोरोना वायरस ऐप: निजता मे सेंध की आशंका
वर्तमान में संक्रमण को रोकने का एक सीधा-साधा मंत्र है कि पहचानों, जांच कराओ और उन्हें दूसरों से अलग करो। इसके बाद संक्रमण को रोकने का दूसरा चरण है- संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों के बारे में पता लगाना। इस काम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों की जरूरत पड़ती है और उनके भी संक्रमित होने का खतरा होता है।
पहली बार निजता की रक्षा संबंधी ऐप पेश करने वाली स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की टीना व्हाइट कहती हैं,‘‘सरकारें और जन स्वास्थ्य (एजेंसियां) कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इससे संक्रमित व्यक्ति का पता लगाने में महारथ हासिल करना चाहती हैं। लेकिन लोग ऐसे ऐप को स्वेच्छा से डाउनलोडकरने के लिए राजी नहीं होगें जो उनकी जानकारियों में सेंध लगाने वाले हों ।’’
वर्तमान में संक्रमण को रोकने का एक सीधा-साधा मंत्र है कि पहचानों, जांच कराओ और उन्हें दूसरों से अलग करो। इसके बाद संक्रमण को रोकने का दूसरा चरण है- संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों के बारे में पता लगाना। इस काम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों की जरूरत पड़ती है और उनके भी संक्रमित होने का खतरा होता है।
माना जा रहा है कि प्रौद्योगिकी के जरिए इस काम को बेहतर तरीके से किया जा सकता है। स्मार्टफोन के ऐप किसी व्यक्ति के आने जाने के स्थान संबंधी डाटा को एकत्र करता है और अगर किसी व्यक्ति ने किसी संक्रमित व्यक्ति के आस पास वक्त बिताया है तो वह उसे अलर्ट करता है।
उन्होंने कहा कि ये डाटा जितने विस्तृत होंगे वे उतना ही स्थानीय सरकारों को संक्रमित स्थानों की पहचान करने और उचित कदम उठाने में मदद करेंगे। लेकिन इस बात की आशंका है कि जो सरकारें इसे डाटा को एकत्र करेंगी वे इसका दुरुपयोग भी कर सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया में 30लाख से अधिक लोगों ने ऐसे ऐप डाउनलोड किए हैं। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश ऐप के डाटा तक सरकार की और पहुंच की मांग कर रहे हैं। वहीं जर्मनी और यूरोप के कई देश ऐसे ऐप के पक्षधर हैं जो लोगों की निजता पर सेंध नहीं लगाते हैं।
एप्पल और गूगल जैसी कंपनिया जन स्वास्थ्य एजेंसियों को उनका ऐप इस्तेमाल करने की अनुरोध कर रहीं हैं। यह ऐप मई में बाजार में आ जाएगा। उनका कहना है कि इसे इस प्रकार से तैयार किया जा रहा है कि यह डाटा तो एकत्र करता है लेकिन इसे गोपनीय रखता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 11:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

