COVID-19: झारखंड में सिर्फ राजधानी रांची रेड जोन में, 14 जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया
झारखंड में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्र द्वारा जारी सूची में प्रदेश में सिर्फ राजधानी रांची को रेड जोन में रखा गया है जबकि नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में व शेष चौदह जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है. कुलकर्णी ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी.
झारखंड में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव नितिन मदन कुलकर्णी (Nitin Madan Kulkarni) ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्र द्वारा जारी सूची में प्रदेश में सिर्फ राजधानी रांची को रेड जोन (Red Zone) में रखा गया है जबकि नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में व शेष चौदह जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है. कुलकर्णी ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राजधानी रांची में प्रदेश के 110 में से सर्वाधिक 80 मामले सामने आये हैं जिसके चलते केन्द्र सरकार ने रांची को रेड जोन घोषित किया है, जबकि अपेक्षाकृत कम मामलों वाले नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन घोषित किया है एवं जिन 14 जिलों में एक भी मामले नहीं आए हैं उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया है.
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वैसे जिले जो ऑरेंज जोन में हैं, यदि वहां अगले 21 दिनों तक कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिलता है, तो उसे ग्रीन जोन में डाल दिया जाएगा. कुलकर्णी ने बताया कि राज्य में अभी कुल 33 निरुद्ध क्षेत्र (कंटेनमेंट जोन) निर्धारित किए गए हैं, जिसमें से 15 रांची में हैं. उन्होंने कहा कि इन निरुद्ध क्षेत्रों में लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है. इन जगहों से न किसी को बाहर जाने और न ही किसी को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे है.
उन्होंने बताया कि राज्य में फेस मास्क, पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं.
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उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 की जांच के लिये 4 जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं. इसके अलावा राज्य के तीन अन्य मेडिकल संस्थानों में भी जांच प्रयोगशाला का निर्माण कराया जा रहा है, जो जल्द ही तैयार हो जाएंगे. इसके साथ ही आईसीएमआर द्वारा कुछ प्राइवेट जांच घरों को अनुमति देने पर कार्य किया जा रहा है. वहां वैसे लोग जो खुद से अपनी जांच कराना चाहते हैं, वे करवा सकते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में अभी कोरोना वायरस के 84 इलाजरत मरीज हैं. मरीजों की सही से देखभाल के लिये राज्य में अभी 206 वेंटिलेटर बेड भी उपलब्ध हैं.
संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में झारखंड के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए मापदंडों के अनुरूप ही उनके आवागमन के लिये तैयारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अन्य राज्यों ने यह भी कहा था कि जो लोग दूर के राज्यों में फंसे हैं उनको राज्य में वापस लाने में बस की सुविधा पर्याप्त नहीं होगी. इसके लिये राज्य सरकारों ने कुछ विशेष ट्रेन चलाने की बात केंद्र सरकार से की थी.
उन्होंने कहा कि जो राज्य झारखंड के सटे हैं, जहां बसों से आवागमन किया जा सकता है, वहां से राज्य सरकार श्रमिकों एवं छात्रों को लाने की तैयारियां कर रही है. इसके लिये विभाग द्वारा आज से ही बसें भेजने की तैयारियां की जा रहीं है. उन्होंने बताया कि इसके बाद केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार वापस आने वाले लोगों की सबसे पहले स्क्रीनिंग की जाएगी और आवश्यकतानुसार उन्हें घर में पृथक रखा जाएगा या पृथक-वास केंद्र में भेजा जाएगा. ऐसे लोग पृथक-वास की अवधि पूरी करने के बाद ही अपने घर जा सकेंगे तथा सामान्य रूप से रह पाएंगे.
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2020 11:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

