देश की खबरें | राज्यपाल का संबोधन नहीं होने पर विवाद : विशेषज्ञों ने कहा, तकनीकी रूप से सही है तेलंगाना सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्यपाल के पारंपरिक संबोधन के बगैर तेलंगाना विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत करने को लेकर विपक्षी दलों भाजपा और कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।
हैदराबाद, पांच मार्च राज्यपाल के पारंपरिक संबोधन के बगैर तेलंगाना विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत करने को लेकर विपक्षी दलों भाजपा और कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।
इस सप्ताह की शुरूआत में जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, तेलंगाना में बजट सत्र सात मार्च से शुरू होने वाला है । सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री टी. हरिश राव बजट पेश करेंगे।
सत्र की शुरूआत राज्यपाल के अभिभाषण से नहीं करने के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव ऊर्फ केसीआर के फैसले को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद बांदी संजय कुमार ने उनकी आलोचना की है।
देश में नये संविधान की वकालत करने वाली राव की हालिया टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए कुमार ने ट्वीट किया है, ‘‘केसीआर ने संकेत दे दिया है कि वह पुन:लिखित संविधान में क्या चाहते हैं। कोई नियम नहीं, कोई परंपरा नहीं, सिर्फ मनमानी। मैं राज्यपाल का अभिभाषण नहीं करने को लेकर व्यक्तिगत रूप से उनकी आलोचना करता हूं...’’
भाजपा सांसद धर्मापुरी अरविंद सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने भी राज्यपाल तमिलिसाई सुन्दरराजन का अभिभाषण नहीं रखने को लेकर टीआरएस सरकार की आलोचना की है।
इस संबंध में राज्य सरकार का बचाव करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी ने कहा कि चूंकि बजट सत्र पिछले सत्र का ही अगला हिस्सा है, इसलिए राज्यपाल का अभिभाषण नहीं किया जा रहा है।
संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष में नये सत्र की शुरूआत होने पर राज्यपाल उसे पहले दिन संबोधित करते हैं। अतीत में भी ऐसा हुआ है जब सत्र की शुरूआत राज्यपाल के संबोधन से नहीं हुई है।
रेड्डी ने कहा, ‘‘यह गलत होगा अगर राज्यपाल को उस सत्र के लिए बुलाया जाए जिसका अवसान नहीं हुआ है।’’
इसबीच, कांग्रेस के एमएलसी टी. जीवन रेड्डी ने सवाल किया कि अक्टूबर, 2021 में समाप्त हुए सत्र का अवसान क्यों नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि अब यह कहा जा रहा है कि राज्यपाल के संबोधन की जरुरत इसलिए नहीं है क्योंकि सत्र का अवसान नहीं किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)