इंदौर (मध्यप्रदेश), नौ जुलाई इंदौर में एक निजी विद्यालय द्वारा एक छात्र को तिलक लगाकर आने से कथित तौर पर रोके जाने को लेकर विवाद सामने आया है। इसके बाद बाद शिक्षा विभाग ने विद्यालय प्रबंधन को चेताया है कि वह छात्र-छात्राओं की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए शिक्षण संस्थान में ‘‘सर्व धर्म समभाव’’ बरकरार रखे।
हालिया विवाद के एक वीडियो में तिलक लगाकर कक्षा के बाहर खड़ा एक नाबालिग छात्र कहता सुनाई पड़ रहा है कि शहर के श्री बाल विज्ञान शिशु विहार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उसे तिलक लगाकर आने नहीं दिया जा रहा है।
छात्र यह दावा करता भी सुनाई पड़ रहा है कि उसे शिक्षकों द्वारा चेतावनी दी गई है कि आइंदा वह तिलक लगाकर विद्यालय आया तो उसके हाथ में स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) पकड़ा दिया जाएगा।
घटना के एक अन्य वीडियो में विद्यालय परिसर में जुटे कुछ लोग शिक्षकों के साथ बहस के दौरान इस बात पर तीखी आपत्ति जताते देखे जा सकते हैं कि छात्रों को तिलक लगाकर आने से आखिर कैसे रोका जा सकता है?
बहस के दौरान एक शिक्षिका कहती सुनाई पड़ रही है कि उनके विद्यालय में धर्म की बात नहीं की जाती और उनका शिक्षण संस्थान ‘‘सर्व धर्म समभाव’’ से चलता है।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मंगलेश कुमार व्यास ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरी इस विद्यालय के प्राचार्य से चर्चा हुई है। प्राचार्य ने मुझे बताया है कि कुछ लोग छात्रों के तिलक लगाने से जुड़ी बात को अनावश्यक तूल दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने घटना के लिए खेद व्यक्त किया है। उन्होंने मुझसे यह भी कहा है कि वह विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बैठक करके इस मसले को सुलझा लेंगे।’’
डीईओ बताया, ‘‘मैंने विद्यालय प्रबंधन से कहा है कि वह अपने संस्थान में सर्व धर्म समभाव बरकरार रखे।’’
व्यास ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्र-छात्राओं को एक-सा गणवेश पहनने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन अगर कोई छात्र अपने जन्मदिन, पूजा-पाठ या किसी विशेष अवसर पर तिलक लगाकर विद्यालय आया है, तो उसे तिलक मिटाने के लिए नहीं कहा जा सकता।
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