कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विधानसभाओं में नियंत्रण कक्ष बनाया जा, : ओम बिरला
बिरला ने वर्तमान स्थिति को लेकर विधानसभा अध्यक्षों के साथ आनलाइन संवाद के बाद कहा, ‘‘ संसद में भी एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाना चाहिए जिससे विधायकों और सांसदों को कोविड 19 से उत्पन्न स्थिति का मुक़ाबला करने के लिए अपने कर्तव्य अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी ।’’
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को अनुरोध किया कि कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों एवं अनेक स्थानों पर फंसे छात्रों की मदद के लिये प्रदेशों के बीच समन्वय के वास्ते राज्य विधानसभाओं में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाए ।
बिरला ने वर्तमान स्थिति को लेकर विधानसभा अध्यक्षों के साथ आनलाइन संवाद के बाद कहा, ‘‘ संसद में भी एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाना चाहिए जिससे विधायकों और सांसदों को कोविड 19 से उत्पन्न स्थिति का मुक़ाबला करने के लिए अपने कर्तव्य अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी ।’’
उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैंने 27 राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष और एक विधान परिषद के सभापति से संवाद किया । सभी ने एक स्वर में कहा कि इस संकट के समय वे साथ हैं । ’’
कई पीठासीन अधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष को देश के अनेक भागों में फंसे हुए कामगारों की स्थिति के बारे में जानकारी दी । उन्हें यह भी बताया गया कि कोटा के शैक्षिक केंद्र में बड़ी संख्या में छात्र फंसे हुए हैं जो बिरला का निर्वाचन क्षेत्र भी है ।
बिरला ने पीठासीन अधिकारियों को आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे कि फंसे हुए छात्रों और कामगारों को सभी आवश्यक सहायता दी जाए ।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य विधानसभाओं में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाना चाहिए ताकि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों एवं अनेक स्थानों पर फंसे छात्रों की मदद के लिये प्रदेशों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सके ।
लोकसभा सचिवालय की विज्ञप्ति के अनुसार, बिरला ने पीठासीन अधिकारियों को जानकारी दी कि सभा में व्यवधान, विधानमंडलों की स्वायत्तता, संविधान की दसवीं अनुसूची तथा सूचना प्रौद्योगिकी और इससे जुड़े मामलों की जांच के लिए पहले गठित की गई पीठासीन अधिकारियों की चार समितियों ने अपनी रिपोर्टों को अंतिम रूप देने में काफी अच्छा काम किया है और वे समय पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देंगी।
लोकसभा अध्यक्ष ने राज्य विधानसभाओं से आग्रह किया कि वे विधायी और वित्तीय कार्यों के साथ साथ बैठकों और फ़ाइल आगे बढाने जैसे नियमित कामों में डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक रूप से उपयोग किए जाने की संभावना पर विचार करें ताकि उनके राज्यों में सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का कड़ाई से पालन हो सके ।
उन्होंने कहा, “विधानसभाओं और संसद में अधिक प्रभावी काम-काज के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाया जाना चाहिए ।“
बिरला ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस महामारी के चलते बहुत मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं और इसे फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रही हैं । उन्होने कहा कि मिलजुल कर काम करने और आपदा प्रबंधन के बेहतरीन प्रयासों से भारत में इस रोग से होने वाले नुकसान को कम करने में बहुत मदद मिली है ।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ जनता की ताकत भी जुड़ी हुई है जिससे परिस्थितियों को संभालने में बहुत मदद मिली है ।
उन्हें विधायकों द्वारा केंद्र और राज्य स्तर पर कोविड 19 राहत कोष में बढ़चढ़ कर योगदान देने की भी सराहना की ।
दीपक
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

