देश की खबरें | असम में पुरातत्व स्मारकों के संविदा कर्मचारियों को छह महीने से अधिक समय से नहीं मिला वेतन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम में 167 स्मारकों की देखभाल के लिए पुरातत्व निदेशालय द्वारा नियुक्त संविदा कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्हें कम से कम छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इन स्मारकों में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित अहोम युग के ‘मोइदम’ भी शामिल हैं।
शिवसागर (असम), 19 जून असम में 167 स्मारकों की देखभाल के लिए पुरातत्व निदेशालय द्वारा नियुक्त संविदा कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्हें कम से कम छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इन स्मारकों में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित अहोम युग के ‘मोइदम’ भी शामिल हैं।
संबंधित अधिकारियों ने माना कि वेतन भुगतान के संबंध में कुछ मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इस मामले को सुलझाने की प्रक्रिया में है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दो निजी ठेकेदारों के लगभग 180 कर्मचारियों को उनके बकाये का भुगतान नहीं किया गया है क्योंकि असम सरकार ने वर्षों से विक्रेताओं के 2 करोड़ रुपये से अधिक के ‘‘बिलों का भुगतान नहीं किया है’’।
उन्होंने कहा कि इससे इन ऐतिहासिक स्थलों के रखरखाव पर गंभीर असर पड़ा है क्योंकि कई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि ये संविदा कर्मचारी राज्य भर में 167 मान्यता प्राप्त स्मारकों की देखभाल करने में पुरातत्व निदेशालय की रीढ़ की तरह काम करते हैं, क्योंकि इन ऐतिहासिक स्थलों में केवल 25 स्थायी सरकारी कर्मचारी हैं।
स्थायी कर्मचारियों की संख्या ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की कुल संख्या का 15 प्रतिशत भी नहीं है।
दोनों ठेकेदारों - सीआईआईएमएस और शंकर पुजारी के कई कर्मचारियों ने ‘पीटीआई-’ से बातचीत में दावा किया कि उन्हें ‘‘नवंबर 2024 से उनका बकाया वेतन नहीं मिला है’’।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2025 01:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

