देहरादून, 20 सितंबर उत्तराखंड भाजपा ने बुधवार को अल्मोड़ा में एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक के साथ कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट द्वारा कथित तौर पर दुव्यर्वहार किए जाने की घटना पर चुप्पी साधने के लिए विपक्षी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक तरह से उनके बुरे आचरण का मौन समर्थन ही है ।
बिष्ट के खिलाफ रविवार को द्वाराहाट स्थित बिपिन त्रिपाठी कुमांउ इंस्टीटयूट आफ टेक्नोलॉजी के निदेशक के के एस मेर के आवास पर कथित रूप से हंगामा करने तथा उन्हें अपशब्द कहने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था ।
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवा निवृत्त) गुरमीत सिंह से विधायक के विरूद्ध कार्रवाई शुरू करने की अपील करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, 'विधायक द्वारा संस्थान के निदेशक के आवास पर हंगामा करने तथा उनके लिए अपशब्द का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस की चुप्पी उनके द्वारा किए गए दुव्यर्वहार का मौन समर्थन ही है।'
बिष्ट द्वाराहाट से विधायक हैं जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उनका पुतला भी फूंका ।
मेर की तहरीर पर विधायक के खिलाफ सोमवार को भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं—506, 452, 427 और 504 के तहत धमकी देने, नुकसान पहुंचाने की नीयत से घर में घुसने तथा जानबूझकर अपमान करने या उकसाने के लिए मामला दर्ज किया गया ।
इस संबंध में विधायक की ओर से भी पुलिस को मेर के खिलाफ एक शिकायत दी गयी है जिसमें कहा गया है कि इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक ने उनकी टेलीफोन कॉलों का कोई रिस्पांस नहीं देकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज में काम करने वाले मेस कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों तथा दैनिक वेतनभोगियों के बारे में कुछ जानकारी चाहिए थी लेकिन निदेशक ने उनकी बार—बार की गयी कॉलों की अनदेखी की ।
विधायक के खिलाफ कार्रवाई की भट्ट की मांग पर उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को यह बताना चाहिए कि पिछले दो साल में उन्होंने अपने कितने पार्टी नेताओं के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY