देश की खबरें | राहुल को राहत देने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले पर वायनाड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी उपनाम वाली टिप्पणी के संबंध में 2019 के मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का शुक्रवार को स्वागत करते हुए जश्न मनाया।
वायनाड (केरल), चार अगस्त केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी उपनाम वाली टिप्पणी के संबंध में 2019 के मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का शुक्रवार को स्वागत करते हुए जश्न मनाया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि लोकसभा सचिवालय जल्द ही राहुल गांधी की संसद सदस्यता को बहाल करेगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने वायनाड के कई इलाकों में मिठाइयां बांटी और शीर्ष अदालत के फैसले का जश्न मनाया।
कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने इस फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘ अब हमारे नेता राहुल गांधी एक बार फिर से वापस आ गए हैं। ’’
सलीह नामक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘ आखिरकार राहुल गांधी को शीर्ष अदालत से न्याय मिल गया है। यह फैसला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ है।’’
वायनाड से विनोद कुमार नामक एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘ लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हम सभी लोग उच्चतम न्यायालय के आज के फैसले से बहुत खुश हैं। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ है।’’
केरल विधानसभा में सुल्तान बथेरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले वायनाड के कांग्रेस नेता एवं विधायक आईसी बालाकृष्णन ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद सदस्यता समाप्त होने के बाद भी वायनाड के लोगों के मुद्दों को लगातार उठाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के.मुरलीधरन ने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भरोसा है कि मामला गुजरात की अदालत से उच्चतम न्यायालय में पहुंचते ही राहुल गांधी को न्याय मिलेगा।
के. मुरलीधरन ने कोट्टयम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमें शीर्ष अदालत पर भरोसा है और हम सभी बेहद खुश हैं। इस फैसले का स्वागत है, क्योंकि इन परिस्थितियों में संसद में उनकी (राहुल) उपस्थिति जरूरी है।’’
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि पार्टी पहले ही कह चुकी है कि संघ परिवार उसे डरा नहीं सकता या चुप नहीं करा सकता। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है तथा पार्टी नफरत और फासीवाद की राजनीति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
सतीशन ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ अभियान इसलिए चलाए गए क्योंकि वह लगातार बड़े कारोबारियों के साथ भाजपा के शीर्ष नेताओं के 'अपवित्र गठबंधन' के बारे में सवाल उठा रहे थे।
उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के संबंध में 2019 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में शुक्रवार को उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।
लोकसभा अध्यक्ष अब उनकी सदस्यता बहाल कर सकते हैं या राहुल गांधी शीर्ष अदालत के आदेश के परिप्रेक्ष्य में एक सांसद के रूप में अपनी सदस्यता बहाल करने की अपील कर सकते हैं।
पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा में मोदी उपनाम के संबंध में की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। राहुल ने सभा में टिप्पणी की थी कि ‘‘सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?’’
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