देश की खबरें | एसटी, एससी और ओबीसी की सामूहिक ताकत को तोड़ना चाहती है कांग्रेस: मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सामूहिक ताकत को तोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि उनके बीच विभाजन पैदा किया जा सके और उनकी आवाज कमजोर की जा सके और अंतत: उनके लिए आरक्षण समाप्त किया जा सके।

नयी दिल्ली, 11 नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सामूहिक ताकत को तोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि उनके बीच विभाजन पैदा किया जा सके और उनकी आवाज कमजोर की जा सके और अंतत: उनके लिए आरक्षण समाप्त किया जा सके।

उन्होंने ‘नमो एप’ के माध्यम से ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा, ‘‘इसलिए मैं बार-बार कहता रहता हूं कि एक रहेंगे, तो सेफ (सुरक्षित) रहेंगे।’’

मोदी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन के पांच साल के शासन की ‘विफलताओं’ को भी रेखांकित किया और कहा कि राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए ‘भ्रष्टाचार, माफिया और कुशासन’ से मुक्त कराना होगा।

मोदी ने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ से हर कोई आरक्षण के प्रावधान का ‘कट्टर विरोधी’ रहा और जब तक पार्टी सत्ता में थी तब तक उसने इसके पक्ष में उठने वाली सभी आवाजों को कुचल दिया क्योंकि दलित, ओबीसी और आदिवासी समाज तब बिखरे हुए थे।

उन्होंने कहा कि लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने समझना शुरू कर दिया कि बाबा साहेब आंबेडकर ने क्या कहा था और कई राज्यों में कांग्रेस को चुनौती देते हुए एक साथ खड़े हो गए।

उन्होंने कहा, ‘‘ओबीसी समाज 1990 तक एक साथ नहीं आ सका। लेकिन जब वे साथ आए तो कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ। उसके बाद से कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार नहीं बना पाई है। आज देश के सिर्फ तीन राज्यों में उसकी सरकार है।’’

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की ‘सामूहिक ताकत’ को तोड़ने का फैसला किया है क्योंकि उसका राज परिवार नाराज है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ सालों से यह उनका (कांग्रेस का) एजेंडा बन गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जिन राज्यों में दलितों, ओबीसी, आदिवासियों की सबसे अधिक संख्या है, वहां आज भाजपा-राजग शासन में है और इन राज्यों में कांग्रेस के सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है।’’

मोदी ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्ग सामूहिक रूप से एससी, एसटी और ओबीसी बनने के बजाय ‘सैकड़ों छोटी जातियों’ में टूट जाएं ताकि वे बिखर जाएं, अपनी पहचान खो दें और एक-दूसरे से लड़ें।

उन्होंने कहा, ‘‘जब ये समाज छोटी जातियों में विभाजित होंगे तो एससी, एसटी और ओबीसी के रूप में उनकी आवाज कमजोर हो जाएगी। जिस दिन ऐसा हो जाएगा, कांग्रेस की साजिश कामयाब हो जाएगी। इससे आरक्षण भी खत्म हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं कहता रहता हूं कि एक रहेंगे, तो सेफ रहेंगे। सभी ओबीसी, एससी और एसटी सोसायटी को एकजुट रहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि लोगों ने चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस द्वारा दिया गया एक पुराना विज्ञापन सोशल मीडिया पर साझा किया है... शायद राजीव गांधी तब पार्टी के नेता थे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस विज्ञापन में एससी, एसटी और ओबीसी को बहुत खराब तरीके से पेश किया गया है। अपने विज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि आरक्षण को एससी, एसटी और ओबीसी से छीना जाना चाहिए।’’

मोदी ने दावा किया कि झारखंड की जनता इस बार विधानसभा चुनाव में बदलाव को संकल्पित है और इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने राज्य की रोटी, बेटी और माटी पर वार किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड इस बार बदलाव करने को संकल्पित हो गया है। इसका सबसे बड़ा कारण तो ये भी है कि झामुमो, कांग्रेस व राजद ने झारखंड की रोटी, बेटी और माटी पर वार किया है। पिछले पांच साल इन्होंने बड़ी-बड़ी बातें कीं, लेकिन आज झारखंड के लोग देख रहे हैं कि इनके ज्यादातर वादे झूठे हैं।

भाजपा झारखंड में ‘रोटी, बेटी और माटी’ के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। इसके माध्यम से वह आदिवासी अस्मिता का सवाल उठाकर बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा आदिवासी महिलाओं का कथित उत्पीड़न, धर्मांतरण, जमीन पर कब्जा और धोखा देकर विवाह करने तथा इसके परिणामस्वरूप आदिवासियों की संख्या में लगातार कमी आने का मुद्दा उठा रही है।

राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की गठबंधन सरकार है।

मोदी ने कहा कि राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने महसूस किया कि लोगों में भ्रष्टाचार और परिवारवाद को लेकर भी भारी गुस्सा है।

उन्होंने कहा, ‘‘परिवारवादी पार्टियां, भष्टाचारी तो होती ही हैं। साथ ही समाज के प्रतिभाशाली नौजवानों के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार होती हैं। झामुमो के परिवारवादियों ने कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ से ऐसी गंदी चीजें सीखी हैं, जिसमें उन्हें कुर्सी और खजाना... इन दो चीजों की ही चिंता रहती है। नागरिकों की उन्हें परवाह ही नहीं होती है।’’

उन्होंने कहा कि इसलिए इस बार के विधानसभा चुनाव में झामुमो गठबंधन की सत्ता से विदाई तय है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है।’’

प्रधानमंत्री ने झामुमो और कांग्रेस पर चुनावों के दौरान जनता से झूठे वादे करने और उन्हें ‘ठगने’ का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी सत्तारूढ़ गठबंधन के दलों ने ‘बड़ी-बडी बातें’ कीं लेकिन आज झारखंड के लोग देख रहे हैं कि उनके सारे वादे अधूरे पड़े हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस जहां-जहां सत्ता में है, वहां के लोगों को उसने ऐसे ही ठगा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे जी (मल्लिकार्जुन खरगे) तो खुद कहते हैं कि इनकी पार्टी ने झूठी गारंटियां दी है।’’

मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे लोगों के बीच जाएं और उन्हें कांग्रेस और उसके साथियों की सच्चाई बताएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को यह भी बताएं कि कैसे ‘झूठे वादे’ करके सरकार बनाने के बाद उसने राज्यों को ‘बर्बाद’ कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र में झारखंड का विकास मेरी प्राथमिकता है। हम विकास की कोशिश कर रहे हैं, राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद हम बहुत कुछ करने का प्रयास करते हैं। लेकिन अब मुझे विशेष तौर पर लगता है कि जिस गति से मैं यहां का विकास चाहता हूं, जिस गति से मैं झारखंड को आगे ले जाना चाहता हूं, वहां ‘डबल इंजन’ सरकार की बहुत जरूरत है।’’

केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार को भाजपा के नेता ‘डबल इंजन’ की सरकार कहते हैं और अक्सर विधानसभा चुनावों में भाजपा इसे एक मुद्दे के रूप में पेश करती है।

पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदान से पहले बूथ पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी मेहनत ने झामुमो, कांग्रेस और राजद की नींद उड़ा दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड को हमें इनके भ्रष्टाचार, माफियावाद, कुशासन से मुक्त कराना है।’’

ब्रजेन्द्र

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