देश की खबरें | कांग्रेस ने एनएससीएन के दावे को लेकर सरकार पर निशाना साधा

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 19 अगस्त कांग्रेस ने 2015 के रूपरेखा समझौते (फ्रेमवर्क एग्रीमेंट) के संदर्भ में नगा संगठन एनएससीएन-आईएम के दावे को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए देश को सही स्थिति से अवगत कराना चाहिए।

गौरतलब है कि सरकार के साथ शांति वार्ता कर चुके एनएससीएन-आईएम ने पिछले सप्ताह कहा था कि अलग नगा ध्वज और संविधान के बिना दशकों पुराने मुद्दे का सम्मानजनक समाधान नहीं निकल सकता।

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कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राजीव गांधी जी प्रधानमंत्री थे, 15 अगस्त 1985 को असम शांति समझौता किया गया था। उस वक्त पूरे देश को बताया कि उसमें क्या प्रावधान हैं। वहीं राजीव गांधी जी ने 30 जून, 1986 को मिज़ो शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था। उन्होंने पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति स्थापित करने की कोशिश की।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी जी ने 15 अगस्त, 2015 को ऐलान किया कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर लिया गया है और अब नगा समस्या खत्म हो जाएगी। इस समझौते का कोई ब्यौरा नहीं बताया गया। बाद में पता चला कि यह शांति समझौता नहीं था। ये सिर्फ एक ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ हुआ था।’’

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उन्होंने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ एनएससीएन (आईएम) के नेता ने एक साक्षात्कार में कहा है कि वह अलग झंडा और पासपोर्ट चाहते हैं। ये एक बहुत ही चिंता का विषय है। किसी भी सूरत में देश की अखंडता से समझौता नहीं किया जा सकता।’’

गोहिल ने कहा कि सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए और देश की जनता को सही जानकारी देनी चाहिए।

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