देश की खबरें | कर्नाटक में गोहत्या के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे कांग्रेस: भाजपा

नयी दिल्ली, छह जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या वह कर्नाटक में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून पर फिर से विचार करने के साथ अपने कार्यकाल की शुरूआत करना चाहती है।

कर्नाटक के पशुपालन मंत्री के वेंकटेश ने हाल ही में संकेत दिया था कि प्रदेश सरकार कर्नाटक गोवध निवारण और मवेशी संरक्षण अधिनियम, जिसे गोहत्या रोधी कानून के रूप में भी जाना जाता है, पर फिर से विचार कर सकती है। भाजपा की कर्नाटक इकाई इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।

भाजपा नेता और केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नौ साल पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों को रेखांकित करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए रूपाला ने यह बात कही।

उन्होंने खरगे और सोनिया गांधी से इस मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा, ‘‘क्या वे (कांग्रेस) चाहते हैं कि उनकी सरकार अपना कार्यकाल गोहत्या से शुरू करे।’’

कर्नाटक के पशुपालन मंत्री के वेंकटेश के बयान के बाद जब इस बारे में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि मंत्रिमंडल इस मामले पर चर्चा करेगा।

रूपाला ने कहा कि एक बार राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी अंतिम रुख अख्तियार कर ले तो केंद्र सरकार इस मुद्दे का संज्ञान लेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले ने कांग्रेस की मानसिकता को फिर से सार्वजनिक किया है।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजादी से 2014 तक मत्स्य पालन पर पूरा खर्च 3,860 करोड़ रुपये था, लेकिन अकेले एक ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ में 20,500 करोड़ रुपये का बजट है।

उन्होंने बताया कि भारत की तटरेखा के साथ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के अंतर को भरने के लिए 8,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कोष बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं, जिन्होंने इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाने की दूरदर्शिता दिखाई।

रूपाला ने कहा कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की भी शुरुआत की और आवर्ती लागत का 60 प्रतिशत वित्त पोषण करके राज्यों को सहयोग दिया है।

उन्होंने गोवंश के लिए अपने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम चलाने और उन्हें कई बीमरियों से बचाने के लिए सरकार की सराहना की।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंचायतों को सीधे और पारदर्शी तरीके से धन भेजने के सरकार के फैसले पर भी देश को गर्व है।

ब्रजेन्द्र

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