देश की खबरें | खरगे पर भाजपा नेता की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने दी तीखी प्रतिक्रिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
बेंगलुरु, दो अगस्त कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने एक अगस्त को शिवमोग्गा के तीर्थहल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान खरगे के रंगरूप और उनके क्षेत्र के लोगों के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के कार्यान्वयन के संबंध में बयान को लेकर वन मंत्री ईश्वर खंड्रे पर निशाना साधते हुए ज्ञानेंद्र ने कहा था कि पेड़-पौधों के बारे में शायद ही कुछ जानने वाले इस क्षेत्र के लोग उन फैसलों के बारे में बोल रहे हैं जो पश्चिमी घाट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं।
ईश्वर खंड्रे कर्नाटक के कल्याण क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं हैं और खरगे भी इसी क्षेत्र से हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को वरिष्ठ भाजपा विधायक के खिलाफ शहर में प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने ज्ञानेंद्र के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा।
ज्ञानेंद्र ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, "...सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए (कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के कार्यान्वयन के संबंध में), श्री सिद्धरमैया! यह हमारा दुर्भाग्य है कि वन मंत्री उस क्षेत्र (कल्याण-कर्नाटक) से हैं जिसमें वन नहीं है। उन्हें नहीं पता कि कौन सा पौधा, पेड़ या उसकी छाया है, चिलचिलाती गर्मी में वहां के लोग काले हो जाते हैं, यह हमारे खरगे को देखकर पता चल जाएगा। बालों की वजह से वे बचे हुए हैं, यह (सिर पर बाल) उनके लिए छाया हैं।"
उन्होंने कहा, "ऐसे लोग बोल रहे हैं जो मलनाड या पश्चिमी घाट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन के बारे में नहीं जानते... इसलिए मैं सरकार से स्पष्टता का आग्रह करता हूं।"
ज्ञानेंद्र पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने आज व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "बेंगलुरु में प्रथम श्रेणी की सुविधा वाला निमहंस (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान) है, हम उन्हें वहां भेजने की व्यवस्था करेंगे।"
मंत्री खंड्रे ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री होने के बावजूद ज्ञानेंद्र ने इतना "घटिया बयान" दिया है, जो न केवल कल्याण के लोगों का, बल्कि पूरे राज्य का अपमान है।
उन्होंने कहा, "खरगे एक राष्ट्रीय नेता हैं, जिनका पार्टी-लाइन से हटकर सम्मान किया जाता है। उनके (ज्ञानेंद्र) खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और अगर भाजपा में कोई नैतिकता है, तो उसे उन्हें निष्कासित करना चाहिए।"
विवाद बढ़ने के बीच ज्ञानेंद्र ने आज स्पष्ट किया कि उन्होंने खरगे के बारे में कभी बात नहीं की, लेकिन कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची है तो वह खेद व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ कभी नहीं बोला, मुझे नहीं लगता कि मैं उनकी आलोचना करने के लायक हूं। मैं हमेशा उनकी वरिष्ठता और अनुभव का सम्मान करता हूं। मेरा इरादा मल्लिकार्जुन खरगे को ठेस पहुंचाने का नहीं था। मैंने मीडिया में प्रतिक्रियाएं देखी हैं। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था, लेकिन अगर किसी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।''
मंत्री खंड्रे के हवाले से हाल में यह कहा गया था कि राज्य सरकार पश्चिमी घाट में पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने पर कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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