देश की खबरें | कांग्रेस को ना तो सत्ता चलाना आता है, ना ही विपक्ष के रूप में जिम्मेदारीपूर्ण आचरण करना: भाजपा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी दलों के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को ना तो सत्ता चलाना आता है और ना ही विपक्ष के रूप में ‘‘जिम्मेदारीपूर्ण आचरण’’ करना आता है।
नयी दिल्ली, 24 दिसंबर संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी दलों के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को ना तो सत्ता चलाना आता है और ना ही विपक्ष के रूप में ‘‘जिम्मेदारीपूर्ण आचरण’’ करना आता है।
भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अपने ‘‘अशोभनीय आचरण’’ के लिए निलंबित सदस्यों द्वारा माफी तक नहीं मांगना उनके ‘‘अड़ियल रवैये और निर्लज्जता’’ को दर्शाता है।
विपक्षी दलों के इस आरोप पर कि संसद की सुचारू कार्यवाही की जिम्मेदारी सरकार की है, त्रिवेदी ने कहा कि सबसे बड़े दल के रूप में सबसे बड़ी जिम्मेदारी भाजपा की हो सकती है लेकिन कोई दल यह नहीं कह सकता कि उसकी तो कोई जिम्मेदारी ही नहीं है।
हंगामे के बीच और बगैर चर्चा के विधेयकों को पारित कराए जाने के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बजट सहित कई विधेयक कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल में मिनटों में पारित हुए हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सदन में जैसा व्यवहार हुआ है, उससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस को विपक्ष के रूप में व्यवहार करना भी नहीं आता। कांग्रेस को ना तो सत्ता चलाना आता है और ना ही विपक्ष में जिम्मेदारीपूर्ण आचरण करना आता है।’’
उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र में जनता प्रतिनिधियों को चुनकर लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन में भेजती है तो वह अपेक्षा करती है कि उनका आचरण उल्लेखनीय होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस सत्र में यह तक हुआ कि महासचिव की मेज पर एक दल के नेता ने नियम पुस्तिका फेंकी।’’
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘विरोध करना आपका अधिकार है लेकिन हाथापाई करना, तोड़फोड़ करना, यहां तक उपसभापति को भयभीत करना, विपक्ष की निर्लज्जता का प्रमाण है।’’
पुरी ने इस अवसर पर कहा कि पिछले संसद सत्र में विपक्ष ने कई ऐसे मुद्दे उठाए, जिसपर सभी चर्चा करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने चर्चा नहीं होने दी।
ओमीक्रोन के कारण कोविड की तीसरी लहर की आशंका के चलते उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव टालने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सुझाव के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेताओं ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर निर्णय का अधिकार निर्वाचन आयोग को है।
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