देश की खबरें | कांग्रेस सांसद बारदोलोई ने राजग शासन में इंटरनेट निलंबन में वृद्धि पर सवाल उठाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस सांसद प्रद्युत बारदोलोई ने सोमवार को आरोप लगाया कि राजग सरकार के तहत पिछले चार वर्षों में दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट निलंबन भारत में हुआ है। उन्होंने जानना चाहा कि इंटरनेट निलंबन के विनियमन के लिए क्या कोई कानून बनाया जा रहा है।
गुवाहाटी, आठ अगस्त कांग्रेस सांसद प्रद्युत बारदोलोई ने सोमवार को आरोप लगाया कि राजग सरकार के तहत पिछले चार वर्षों में दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट निलंबन भारत में हुआ है। उन्होंने जानना चाहा कि इंटरनेट निलंबन के विनियमन के लिए क्या कोई कानून बनाया जा रहा है।
उन्होंने केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में कहा है कि कानून व्यवस्था की चुनौतियों के समाधान के तौर पर इंटरनेट सेवाओं के निलंबन को जायज नहीं ठहराया जा सकता तथा जम्मू कश्मीर एवं पूर्वोत्तर राज्यों जैसे सीमावर्ती क्षेत्र खासतौर पर ऐसे निलंबन से प्रभावित होते हैं।
नगांव के सांसद बारदोलोई ने दावा किया कि 2021 में इंटरनेट निलंबन की 182 घटनाओं में 106 अकेले भारत में हुईं। उन्होंने वैष्णव से जानना चाहा कि क्या सरकार ने इस वृद्धि तथा खासकर आर्थिक नुकसान की दृष्टि से उसके प्रभावों का संज्ञान लिया है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर में फिलहाल पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठन एक्सेस नाऊ के स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार 2021 में लगातार चौथे साल इंटरनेट सेवा निलंबन के मामले दुनिया में सबसे अधिक भारत में दर्ज किये गए।
इस गैर सरकारी संगठन की स्थापना दुनियाभर में लोगों के डिजिटल नागरिक अधिकारों की रक्षा और उसे बढ़ाने के मिशन के साथ 2009 में की गयी थी।
सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर के अध्ययन का हवाला देते हुए असम से लोकसभा सदस्य बारदोलाई ने कहा कि भारत में 2014 में इंटरनेट सेवा निलंबन की छह घटनाएं हुई थीं, जो 2018 के बाद हर साल 100 के पार चली गयीं।
उन्होंने कहा, ‘‘ इंटनेट सेवा निलंबन को कानून व्यवस्था की चुनौतियों के समाधान के रूप में जायज नहीं ठहराया जा सकता-- क्योंकि यह जरूरत से बड़ा कदम है और एक ऐसी सामूहिक सजा है, जो मानवाधिकार का उल्लंघन करती है एवं किसी भी लोकतांत्रिक समाज में अस्वीकार्य है, खासकर डिजिटल अर्थव्यवस्था के युग में ।’’
उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इंटरनेट निलंबन के विनियमन के लिए कोई कानून बना रही है और क्या सरकार का देश में इंटरनेट निलंबन पर आंकड़ों का कोई भंडार बनाने एवं रखने का इरादा है।
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