देश की खबरें | कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर कांग्रेस नेता हरिप्रसाद के हमले से पार्टी के भीतर असहज स्थिति बनी

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बेंगलुरु, 22 जुलाई मंत्री पद और मुख्यमंत्री पद को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद के बयानों के साथ-साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर परोक्ष कटाक्ष ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है।

वह शुक्रवार को एडिगा, बिलवा, नामधारी और दिवारा समुदायों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे।

विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) हरिप्रसाद कर्नाटक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से नाराज बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने हरिप्रसाद के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगी इस बारे में प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए।

हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘समुदाय को जागरूक होना चाहिए। मैं मंत्री बनूं या नहीं, यह एक अलग सवाल है। मैंने पहले ही इस देश में पांच मुख्यमंत्री बनाने में भूमिका निभाई है, चाहे वह पुडुचेरी हो या गोवा। झारखंड में, मैंने यह अकेले किया है। हरियाणा और पंजाब में, मैंने एआईसीसी टीम के साथ यह किया है।’’

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पिछड़े वर्ग के नेता भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाने का श्रेय लिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इसलिए मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि किसी को मुख्यमंत्री कैसे बनाना है या किसी को पद से कैसे हटाना है... ना मैं झुकूंगा, ना ही हाथ फैलाउंगा। बेंगलुरु में 49 साल तक राजनीति करना कोई बच्चों का खेल नहीं है।’’

मई में मंत्रिमंडल गठन के दौरान, ऐसी खबरें थीं कि मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें शामिल किए जाने का कड़ा विरोध करने के बाद हरिप्रसाद मंत्री पद की दौड़ में पिछड़ गए।

विधान परिषद में विपक्ष के नेता रह चुके हरिप्रसाद और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं और क्रमशः एडिगा और कुरुबा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

हरिप्रसाद ने दावा किया कि उन्होंने सिद्धरमैया से उडुपी जिले के करकला में ‘कोटि चेन्नय्या थीम पार्क’ के लिए पांच करोड़ रुपये प्रदान करने के लिए कहा था, जिस पर उन्होंने (सिद्धरमैया) सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन बाद में कुछ नहीं मिला।

हरिप्रसाद ने कहा कि मेंगलुरु विश्वविद्यालय में ‘गुरुपीठ’ स्थापित करने के इरादे से उन्होंने एमपीएलएडी योजना के तहत 50 लाख रुपये दिए थे, लेकिन इमारत अब भी निर्माणाधीन है और ‘‘उसमें भी आर्थिक मदद का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक पैसा भी नहीं मिला।’’

कांग्रेस नेता के बयान के बारे में पूछे जाने पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने झिझकते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उन्होंने किस संदर्भ में बात की है... कभी-कभी नेता व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हैं।’’

योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी. सुधाकर ने कहा, ‘‘वह (हरिप्रसाद) एक वरिष्ठ नेता हैं...पार्टी में कोई असंतोष नहीं है। हो सकता है कि उन्होंने निजी राय व्यक्त की हो।’’

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