देश की खबरें | कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी की भूमिका नहीं निभा रही : वृंदा करात
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में अपनी भूमिका नहीं निभा रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ाई में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल एकजुट हैं।
मदुरै, तीन अप्रैल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में अपनी भूमिका नहीं निभा रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ाई में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल एकजुट हैं।
करात ने विपक्षी गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि माकपा का रुख है कि इसका (गठबंधन) उद्देश्य भाजपा को अलग-थलग करना और हराना होना चाहिए।
माकपा नेता ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कांग्रेस के बारे में हमारा अपना आकलन है। यह मूल रूप से भारत में शासक वर्ग की पार्टी है। लेकिन अभी उस वर्ग का समर्थन कांग्रेस से हटकर भाजपा की ओर चला गया है।’’
यह प्रेस वार्ता 24वीं माकपा पार्टी कांग्रेस के अवसर पर आयोजित की गई। इस पार्टी कांग्रेस में प्रतिनिधि राजनीतिक-रणनीतिक रुख की समीक्षा और उस पर चर्चा कर रहे हैं।
करात ने भाजपा को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों के एकजुट होने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह भी सच है कि कांग्रेस शायद वह भूमिका नहीं निभा रही है जो वह सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते निभा सकती है। हमारा दृष्टिकोण इस तथ्य से निर्धारित होता है कि यह सबसे बड़ी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है।’’
करात ने कहा, ‘‘कांग्रेस को भूमिका निभानी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी की आलोचना नहीं करेंगे। जहां कांग्रेस या कोई अन्य सहयोगी सीधे टकराव में है, वहां इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम उनसे लड़ेंगे क्योंकि यही वह तरीका है जिससे हम भाजपा को हरा सकते हैं और अलग-थलग कर सकते हैं।’’
करात ने कहा कि विपक्षी दल केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी भाजपा-आरएसएस के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह एकजुट हैं। हम इस बात पर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि भाजपा-आरएसएस को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों का एक व्यापक मंच आवश्यक है।’’
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