मंगलुरु,13 जुलाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कहा कि केन्द्र ने नए संसद भवन की छत पर स्थापित किए गए राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े विवाद के संबंध में स्पष्टीकरण दे दिया है।
उडुपी में संवाददताओं द्वारा इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कि प्रतीक सारनाथ की प्रतिमा से मेल नहीं खाता, उन्होंने कहा कि यह देखने वाले की निगाह पर निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि प्रतीक का डिजाइन सारनाथ की प्रतिमा जैसा ही है और शेर का चेहरा भी वैसा ही है।
बोम्मई ने कहा कि नए प्रतीक चिह्न में निर्दयता का भाव होने के विपक्ष के आरोप उनके सोचने के तरीके को दर्शाता है।
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नये संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया था। विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को सरकार पर अशोक की लाट के ‘मोहक और राजसी शान वाले’ शेरों की जगह उग्र शेरों का चित्रण कर राष्ट्रीय प्रतीक के स्वरूप को बदलने का आरोप लगाया और इसे तत्काल बदलने की मांग की।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की एक और 'साजिश' बताकर खारिज कर दिया।
भाजपा ने कहा कि देश के पास एक सक्रिय प्रधानमंत्री है, हमारा शेर उग्र है। कांग्रेस को सोते हुए शेरों पर भरोसा है और यह उनकी संस्कृति को दर्शाता है।
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