देश की खबरें | कांग्रेस ने बिहार में पुनरीक्षण पर न्यायालय के सुझाव को ‘लोकतंत्र के लिए राहत’ बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह सुझाव ‘‘लोकतंत्र के लिए राहत’’ और ‘‘सबसे बड़ी बात’’ है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड को दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है।
नयी दिल्ली, 10 जुलाई कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह सुझाव ‘‘लोकतंत्र के लिए राहत’’ और ‘‘सबसे बड़ी बात’’ है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड को दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है।
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह उम्मीद भी जताई कि निर्वाचन आयोग शीर्ष अदालत के सुझाव पर अमल करेगा।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग को बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को जारी रखने की अनुमति देते हुए इसे ‘‘संवैधानिक दायित्व’’ बताया।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस कवायद के समय को लेकर सवाल भी उठाया और कहा कि बिहार में एसआईआर के दौरान आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड पर दस्तावेज के तौर पर विचार किया जा सकता है।
वेणुगोपाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मुझे फ़ैसले की पूरी जानकारी नहीं है। बुनियादी रूप से यह लोकतंत्र के लिए राहत है। हालांकि अब इस मामले की सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने सुझाव दिया है कि आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा हों। यह सबसे बड़ी बात है। न्यायालय ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। मुझे लगता है कि निर्वाचन आयोग उच्चतम न्यायालय के सुझावों के मुताबिक कदम उठाएगा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 05:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

