भुवनेश्वर, 31 अगस्त ओडिशा में कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बहिनीपति ने शनिवार को मांग की कि सरकार निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अधिग्रहित भूमि को उनके मालिकों को वापस लौटाए।
बीजद-भाजपा गठबंधन सरकार ने 2006 में पुरी-कोणार्क मरीन ड्राइव के पास वेदांत विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए अनिल अग्रवाल फाउंडेशन को भूमि आवंटित की थी।
यह परियोजना हालांकि स्थानीय किसानों का विरोध समेत विभिन्न कारणों से शुरू नहीं हो सकी। इस उद्देश्य के लिए भूमि अधिग्रहीत किये जाने से स्थानीय किसानों में नाराजगी थी।
विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य बहिनीपति ने अध्यक्ष सुरमा पाधी से आग्रह किया कि वह ओडिशा सरकार को निर्देश जारी करें कि वह प्रस्तावित वेदांत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अधिग्रहीत भूमि को उनके मालिकों को वापस लौटा दे।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए बहिनीपति ने कहा कि उड़ीसा उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने किसानों से भूमि अधिग्रहण को अवैध करार दिया है तथा निर्देश दिया है कि भूमि उनके मालिकों को लौटा दी जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हालांकि अब तक ऐसा नहीं किया है।
जब बहिनीपति ने पाधी से इस मामले पर निर्णय देने पर जोर दिया तो अध्यक्ष ने कहा, “मैं मांग पर विचार करूंगा।”
बहिनीपति ने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय परियोजना के लिए भगवान जगन्नाथ की भूमि भी दे दी गई है।
ओडिशा सरकार ने 2006 में विश्वविद्यालय के लिए वेदांता फाउंडेशन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
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