देश की खबरें | कांग्रेस ने आदिवासी युवक पर पेशाब करने की घटना की सीबीआई जांच की मांग की
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भोपाल, पांच जुलाई कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के सीधी जिले में एक व्यक्ति द्वारा एक आदिवासी युवक के ऊपर पेशाब करने की घटना की जांच बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग की है।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि अन्य मामलों में राज्य सरकार द्वारा की गई इसी तरह की कार्रवाई की तरह आरोपियों की संपत्ति को ध्वस्त कर दिया जाए।
भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने दावा किया कि वीडियो कुछ महीने पुराना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला ने पीड़ित से एक शपथ पत्र भरवाया है कि उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने बुधवार को शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जा रही है।
भूरिया ने कहा, "सीधी में हुई घटना आदिवासी समुदाय का अपमान है। राज्य सरकार को मामले की जांच सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंप देनी चाहिए और मामले की सुनवाई ग़ैर-भाजपा राज्यों की अदालत में होनी चाहिए।"
उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए।
भूरिया ने आरोप लगाया, ‘‘ यह वीडियो कुछ महीने पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पीड़ित आरोपी भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला से इतना डरा हुआ था कि महीनों बाद भी पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। साथ ही आरोपी ने एक शपथ पत्र भी ले लिया जिसमें पीड़ित ने कहा कि उसके (शुक्ला के) खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।"
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि भाजपा के विधायक और उनके प्रतिनिधि स्थानीय गुंडों की तरह काम कर रहे हैं।
भूरिया ने यह भी दावा किया कि आरोपी के भाजपा के शीर्ष नेताओं से संबंध है और सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस आरोप से इनकार किया था कि आरोपी भगवा पार्टी से जुड़ा था।
राज्य के मुख्यमंत्री के कार्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया था कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 294 एवं 504 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
मंगलवार को यह पूछे जाने पर कि क्या आरोपी विधायक का प्रतिनिधि है प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा, ‘‘ऐसे लोग किसी पार्टी के नहीं हैं, जब विशेष रूप से पूछा गया कि क्या उन्हें पार्टी से हटा दिया गया है, तो शर्मा ने कहा, ‘‘बिल्कुल (बिल्कुल)।’’
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि आरोपी प्रवेश शुक्ला सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि है लेकिन संपर्क करने पर विधायक ने इससे इनकार किया।
केदारनाथ शुक्ला ने पीटीआई से कहा, ‘‘ आरोपी मेरा प्रतिनिधि नहीं है। मुझे नहीं पता कि पीड़िता आदिवासी है या नहीं लेकिन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’’
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