जरुरी जानकारी | दूरसंचार केबल को खुदाई में नुकसान होने पर देना होगा हर्जाना

नयी दिल्ली, छह जनवरी सरकार ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और मोबाइल टॉवर जैसी दूरसंचार अवसंरचनाओं को खुदाई के दौरान नुकसान पहुंचने पर संबंधित कंपनियों को हर्जाना भरने से जुड़े नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं।

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, विभिन्न कंपनियों की तरफ से सड़क के किनारे कराई जाने वाली खुदाई में वहां मौजूद दूरसंचार अवसरंचनाएं कई बार क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस नुकसान की भरपाई के लिए खुदाई करने वाली कंपनियों को हर्जाना भरना होगा। इस संबंध में भारतीय टेलीग्राफ (अवसंरचना सुरक्षा) नियम 2022 को तीन जनवरी को अधिसूचित कर दिया गया है।

दूरसंचार विभाग को उम्मीद है कि नए नियमों से दूरसंचार अवसंरचनाओं को होने वाले नुकसान और उसकी वजह से नागरिकों को होने वाली असुविधा को दूर करने में मदद मिलेगी।

एक आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, सड़क किनारे होने वाली खुदाई में हर साल ऑप्टिकल फाइबर के कटने के करीब 10 लाख मामले सामने आते हैं। इसकी वजह से हर साल करीब 3,000 करोड़ रुपये की क्षति होने का अनुमान है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस नियम से ऑप्टिकल फाइबर के अवांछित रूप से कटने और उनकी मरम्मत पर आने वाली लागत से बचा जा सकता है। इस तरह हजारों करोड़ रुपये के कारोबार और उस पर लगने वाले कर के रूप में होने वाला नुकसान भी बचाया जा सकता है।

इस नियम में प्रावधान है कि ऑप्टिकल फाइबर की मौजूदगी वाली संपत्ति में खुदाई की मंशा रखने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी को इसकी पूर्व-सूचना लाइसेंसधारक को एक महीने देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर किसी नुकसान की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या कंपनी को पूरी भरपाई करनी होगी। इसमें दूरसंचार नेटवर्क की बहाली पर आने वाली लागत भी शामिल की जाएगी।

खुदाई के बारे में पूर्व-सूचना देने के लिए केंद्र सरकार एक पोर्टल या ऐप जारी करेगी। इसकी मदद से खनन करने वाला पक्ष दूरसंचार विभाग को किसी स्थान पर की जाने वाली खुदाई के बारे में जानकारी देगा। उसे लाइसेंसधारक की तरफ से सुझाए गए सुरक्षा उपायों का भी पालन करना होगा।

प्रेम

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