ताजा खबरें | फर्जी पहचान से सोशल मीडिया एकाउंट पर काबू के लिए कंपनियां स्वैच्छिक सत्यापन करें : प्रसाद
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के जरिए एकाउंट बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले को लेकर वह गंभीर है और इस पर काबू पाने के लिए संबंधित कंपनियों को स्वैच्छिक रूप से लोगों की पहचान का सत्यापन करने को कहा गया है।
नयी दिल्ली, 18 मार्च सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के जरिए एकाउंट बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले को लेकर वह गंभीर है और इस पर काबू पाने के लिए संबंधित कंपनियों को स्वैच्छिक रूप से लोगों की पहचान का सत्यापन करने को कहा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जारी नए दिशानिर्देशों में इस संबंध में प्रावधान किए गए हैं और इसे पूरा करना उन कंपनियों पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर देश को ‘ज्ञान की बातें’ बताते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके ज्ञान का स्वागत है लेकिन पहले उन्हें यह बता देना चाहिए कि उनकी असली पहचान क्या है।
प्रसाद ने कहा कि हम सोशल मीडिया पर आलोचना का स्वागत करते हैं लेकिन उपयोगकर्ताओं को अपनी वास्तविक पहचान भी बतानी होगी।
प्रसाद ने कहा कि भारत में सोशल मीडिया के करीब 140 करोड़ उपयोगकर्ता हैं और वे फेसबुक, ट्वीटर सहित अन्य मंचों पर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर कुछ कंपनियों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए और न ही सोशल मीडिया का दुरूपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल देश की आलोचना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के संबंध में पिछले दिनों जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि सहित अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कानून व्यवस्था का मामला है और पुलिस ने कार्रवाई की है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने सोशल मीडिया मंचों के नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनमें ऑनलाइन सामग्री के संबंध में नए नियम और कानून बनाए गए हैं।
प्रसाद ने कहा कि नए दिशानिर्देश में शिकायत अधिकारी का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नए दिशानिर्देशों में महिलाओं के सम्मान और गरिमा का पूरा ख्याल रखा गया है और आपत्तिजनक सामग्री को 24 घंटे के अंदर हटाने को कहा गया है।
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