खेल की खबरें | राष्ट्रमंडल खेलों का रजत पदक मेरे करियर की बड़ी सफलताओं में से एक: श्रीशंकर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक को अपने करियर के सबसे ‘सफल’ पदकों में से एक करार देते हुए कहा कि बर्मिंघम खेलों (2022) में अपने अभियान को पोडियम (शीर्ष तीन) पर खत्म करने से उन्हें अपने प्रदर्शन को अगले स्तर तक ले जाने का प्रोत्साहन मिलेगा।

अहमदाबाद, 20 सितंबर लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक को अपने करियर के सबसे ‘सफल’ पदकों में से एक करार देते हुए कहा कि बर्मिंघम खेलों (2022) में अपने अभियान को पोडियम (शीर्ष तीन) पर खत्म करने से उन्हें अपने प्रदर्शन को अगले स्तर तक ले जाने का प्रोत्साहन मिलेगा।

  श्रीशंकर ने इस साल बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की लंबी कूद में 8.08 मीटर के प्रयास से रजत पदक जीता।

  वह मंगलवार से टेबल टेनिस स्पर्धा के साथ शुरू हुए राष्ट्रीय खेलों में केरल का प्रतिनिधित्व करेंगे। गुजरात में होने वाले इन खेलों का औपचारिक रूप से 29 सितंबर को आगाज होगा।

श्रीशंकर ने कहा, ‘‘ सीखने के मामले में यह सत्र मेरे लिए अच्छा अनुभव रहा है। मैं मार्च से लगातार प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं। अगस्त-सितंबर तक प्रदर्शन के स्तर को बनाये रखना मुश्किल है। इस दौरान काफी यात्रा भी करनी पड़ी। इस दौरान हमें अलग अलग परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाना पड़ा और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक के साथ मुझे अपने करियर की एक बड़ी सफलता मिली।  मेरी रैंकिंग में भी काफी सुधार हुआ है। सत्र की शुरुआत में मैं लगभग 60वें स्थान पर था।  मुझे यहां से अपनी लय जारी रखनी है । पेरिस ओलंपिक में सिर्फ दो  साल का समय बचा है मुझे यकीन है कि मैं इस लय को बनाये रखूंगा।’’

श्रीशंकर ने कहा कि उनका ध्यान डायमंड लीग जैसे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगले सत्र में मैं अंतरराष्ट्रीय सर्किट में और अधिक निरंतरता से भाग लेने की उम्मीद कर रहा हूं, खासकर के डायमंड लीग मीट में। । शीर्ष पर पहुंचना मुश्किल है, लेकिन मुझे यकीन है कि अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के साथ यह संभव है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, राष्ट्रीय खेल ये सभी प्रतियोगिताएं पेरिस ओलंपिक की तैयारियों के लिए कारगर होगी।  इन आयोजनों में पदक जीतने से निश्चित रूप से मनोबल बढ़ेगा। मैं एशियाई खेलों में भी इस प्रदर्शन को जारी रखना चाहता हूं।’’

केरल के 23 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उन्हें कड़ी चुनौती मिलेगी क्योंकि उनके अलावा दो अन्य खिलाड़ियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.15 मीटर या उससे अधिक का रहा है।

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