देश की खबरें | कथित भ्रष्टाचार के लिए बर्खास्त अधिकारियों के अभिवेदनों की जांच करने वाली समिति का पुनर्गठन किया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रसायन और पेट्रोरसायन सचिव आरती आहूजा कथित अक्षमता या भ्रष्टाचार के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त अधिकारियों के अभिवेदनों की जांच करने वाली समिति का हिस्सा होंगी। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह कहा गया है।
नयी दिल्ली, 17 जून रसायन और पेट्रोरसायन सचिव आरती आहूजा कथित अक्षमता या भ्रष्टाचार के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त अधिकारियों के अभिवेदनों की जांच करने वाली समिति का हिस्सा होंगी। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह कहा गया है।
मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया है।
आहूजा को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सचिव लीना नंदन के स्थान पर नियुक्त किया गया है।
इसी तरह, कैबिनेट सचिवालय में संयुक्त सचिव पुनीत कंसल ने समिति में कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव आशुतोष जिंदल का स्थान लिया है।
केंद्र सरकार के सभी विभागों के सचिवों के लिए बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि (जिस काडर के प्रशासनिक नियंत्रण में कथित भ्रष्ट अधिकारी आते हैं, उस) काडर नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा नामित एक सदस्य भी समिति का हिस्सा होगा।
समिति केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1972 के नियम 48 और मौलिक नियम (एफआर) 56 (जे), (आई) के तहत बर्खास्त कर्मचारियों के अभिवेदनों की जांच करती है। दोनों प्रावधान सरकार को उन सरकारी कर्मचारियों के मामलों की जांच करने की अनुमति देते हैं, जिन्हें कथित रूप से भ्रष्ट या अक्षम होने के कारण सार्वजनिक हित में बर्खास्त किया जा सकता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)