देश की खबरें | प्रत्यक्ष सुनवाई के लिए नयी एसओपी पर न्यायाधीशों की समिति बार सदस्यों का पक्ष सुने : न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि शीर्ष अदालत को पुन: खोलने से जुड़े मुद्दे को देख रही सात न्यायाधीशों की समिति से आग्रह किया जाए कि वह मामलों की प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू करने संबंधी नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर मतभेदों के समाधान के लिए बार सदस्यों का पक्ष सुने।
नयी दिल्ली, 16 मार्च उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि शीर्ष अदालत को पुन: खोलने से जुड़े मुद्दे को देख रही सात न्यायाधीशों की समिति से आग्रह किया जाए कि वह मामलों की प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू करने संबंधी नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर मतभेदों के समाधान के लिए बार सदस्यों का पक्ष सुने।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी की पीठ ने शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल से उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) की नयी समिति के सदस्यों का पक्ष सुनने के लिए न्यायाधीशों की समिति से आग्रह करने को कहा।
पीठ ने सुनवाई के दौरान उन बैठकों के ब्योरे पर गौर किया जिनमें नयी एसओपी को अंतिम रूप दिया गया था और वकीलों की इकाई की ओर से पेश हुए नवनिर्वाचित एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह से कहा कि बार के सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया था।
सिंह ने कहा कि प्रत्यक्ष सुनवाई के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई और न तो नयी तथा न ही पुरानी समिति से न्यायाधीशों की समिति ने कोई विमर्श किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि नयी एसओपी मनमाने ढंग से तैयार की गई है।
पीठ ने निर्देश दिया कि न्यायाधीशों की समिति द्वारा बार सदस्यों का पक्ष सुना जाना चाहिए।
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