जरुरी जानकारी | कराईकल-कांकेसंथुरई फेरी सेवा शुरू करने की योजना को मजबूत करने के लिए समिति का गठन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत के कराईकल बंदरगाह और श्रीलंका के कांकेसंथुराई बंदरगाह के बीच नौका सेवा शुरू करने की व्यापक योजना तैयार करने के लिए बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया है।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई भारत के कराईकल बंदरगाह और श्रीलंका के कांकेसंथुराई बंदरगाह के बीच नौका सेवा शुरू करने की व्यापक योजना तैयार करने के लिए बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया है।
लोकसभा में एक सवाल के जवाब में, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि पुडुचेरी सरकार ने सूचित किया है कि किंग लियर लिमिटेड ने कराईकल पोर्ट और केकेएस पोर्ट के बीच फेरी सेवा शुरू करने के संबंध में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि पुडुचेरी सरकार को गृह मंत्रालय और अन्य संबंधित केंद्र सरकार के संगठनों, जहां लागू हो, से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है।
दोनों देशों के बीच वर्ष 2011 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रावधानों के तहत पुडुचेरी के कराईकल और श्रीलंका के जाफना के कांकेसंथुराई (केकेएस पोर्ट) के बीच यात्री शिपिंग शुरू करने के बारे में केंद्र सरकार को पुडुचेरी सरकार और श्रीलंका सरकार से एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
एक अलग सवाल का जवाब देते हुए सोनोवाल ने कहा कि देश में अंतर्देशीय जलमार्गों को बढ़ावा देने के लिए देश के 24 राज्यों में फैले राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 2016 के तहत 11 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है, जो 12 अप्रैल 2016 से लागू हुआ है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि भारत में वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण व्यवसाय में अग्रणी बनने की क्षमता है।
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