देश की खबरें | अहमदाबाद विमान दुर्घटना के ‘कारण’ का पता लगाने के लिए समिति गठित, मृतकों की संख्या 270 हुई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहे एअर इंडिया के विमान के उड़ान भरने के कुछ क्षण बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के ‘मूल कारण’ का पता लगाने और यांत्रिक विफलता, मानवीय भूल और नियामक अनुपालन सहित अन्य कारकों का आकलन करने के लिए शनिवार को एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति गठित की है। वहीं, इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है।
नयी दिल्ली/अहमदाबाद, 14 जून केंद्र सरकार ने अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहे एअर इंडिया के विमान के उड़ान भरने के कुछ क्षण बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के ‘मूल कारण’ का पता लगाने और यांत्रिक विफलता, मानवीय भूल और नियामक अनुपालन सहित अन्य कारकों का आकलन करने के लिए शनिवार को एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति गठित की है। वहीं, इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता वाली समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि विमानन नियामक डीजीसीए ने टाटा के स्वामित्व वाली विमान कंपनी के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर श्रृंखला के विमानों के लिए ‘‘विस्तारित निगरानी’’ का आदेश दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि समिति संबंधित संगठनों द्वारा की जा रही अन्य जांचों का विकल्प नहीं होगी।
एअर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसने अपने नौ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की एक बार की सुरक्षा जांच की है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्देशानुसार शेष 24 ऐसे विमानों की जांच पूरी करने की दिशा में अग्रसर है। एअर इंडिया के बेड़े में अब 26 बोइंग 787-8 और सात बोइंग 787-9 विमान हैं।
एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जा रही उड़ान ‘एआई 171’ में 242 यात्री और चालक दल के सदस्य थे जिनमें से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई है। वहीं, विमान मेडिकल कॉलेज परिसर पर गिरा जिससे जमीन पर मौजूद पांच एमबीबीएस छात्रों सहित 29 अन्य लोगों की भी जान चली गई। विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और मेघाणी नगर क्षेत्र में स्थित सरकारी बीजे मेडिकल कॉलेज के परिसर में गिर गया था तथा उसमें आग लग गई थी।
दुर्घटना के बाद सुराग के लिए जांचकर्ता जहां बीजे मेडिकल कॉलेज छात्रावास और कैंटीन परिसर में मलबे की जांच कर रहे हैं। वहीं, एअर इंडिया के अधिकारियों ने कहा कि विमान की जून 2023 में व्यापक रखरखाव जांच की गई थी और इस वर्ष दिसंबर में इसकी अगली निर्धारित व्यापक जांच होनी थी।
अधिकारियों ने बताया कि करीब 12 साल पुराने इस विमान के दाएं हिस्से के इंजन की मरम्मत कर उसे मार्च 2025 में लगाया गया था, जबकि बाएं हिस्से के इंजन का निरीक्षण इंजन निर्माता के प्रोटोकॉल के अनुसार अप्रैल 2025 में किया गया था। विमान में जीईएनएक्स इंजन लगा था, जिसे जीई एयरोस्पेस ने बनाया था।
अधिकारियों ने पहचान गुप्त रखते हुए दावा किया कि इंजन या विमान में कोई समस्या नहीं थी।
बीजे मेडिकल कॉलेज के ‘जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष डॉ. धवल गामेती ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘विमान दुर्घटना स्थल से अब तक करीब 270 शव अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाए जा चुके हैं।’’ अधिकारियों ने पहले बताया था कि तीन दशकों में देश में हुए सबसे भीषण विमान हादसे में मरने वालों की संख्या 265 है।
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