देश की खबरें | जोशीमठ के भूधंसाव के सर्वेक्षण के लिए समिति गठित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड में भूस्खलन और भूधंसाव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले चमोली जिले के जोशीमठ नगर में एक और सर्वेक्षण किया जाएगा।

गोपेश्वर, 28 जुलाई उत्तराखंड में भूस्खलन और भूधंसाव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले चमोली जिले के जोशीमठ नगर में एक और सर्वेक्षण किया जाएगा।

लगभग पांच दशक पहले तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था जिसने जोशीमठ नगर को भूस्खलन और भूधंसाव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना था और उसकी रोकथाम के लिए अनेक सुझाव दिए थे ।

इसके लिए जोशीमठ नगर में निर्माण कार्य को नियंत्रित करने के साथ ही निचले हिस्से में बचाव के लिए अभियांत्रिकी और हरियाली का विस्तार का सुझाव भी दिया गया था ।

हालांकि, निचले इलाके में यह भूधंसाव अब भी जारी है और इसके लिए राज्य सरकार ने एक बार फिर एक समिति का गठन किया है।

चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भूधंसाव के सर्वेक्षण हेतु उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।

समिति एक से पांच अगस्त तक जोशीमठ में भूंधसाव क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक तथा भू-तकनीकी सर्वेक्षण करेगी तथा एकत्रित आंकडों का विश्लेषण करने के बाद अगले 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी ।

उन्होंने बताया कि समिति में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग देहरादून के उप महानिदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, तथा भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान के निदेशकों द्वारा नामित प्रतिनिधि बतौर सदस्य शामिल रहेंगे जबकि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे ।

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