जरुरी जानकारी | वाणिज्यिक खनन से कोल इंडिया के भविष्य पर कोई खतरा नहीं: कोल इंडिया प्रमुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाणिज्यिक खनन के लिए उसके किसी भी कोयला ब्लॉक को देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसलिए कंपनी ‘पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित’ है।
नयी दिल्ली, 25 जून कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाणिज्यिक खनन के लिए उसके किसी भी कोयला ब्लॉक को देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसलिए कंपनी ‘पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित’ है।
उनका यह बयान कोयला खनन को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के संदर्भ में आया है।
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महारात्न कंपनी कोल इंडिया के चेयरमैन अग्रवाल ने कहा कि कोल इंडिया के भविष्य को लेकर ‘बेवजह की चिंता’ की जा रही है। कंपनी ‘मजबूत और पूरी तरह सुरक्षित’ है। कंपनी के किसी भी कोयला ब्लॉक को वाणिज्यिक खनन के लिए देने का प्रस्ताव नहीं है।
कोल इंडिया ने एक बयान में कहा कि प्रतिस्पर्धा के माहौल में वाणिज्यिक रूप से कंपनी को परिचालन में बनाए रखने के लिए उसके पास पर्याप्त मात्रा में कोयला ब्लॉक हैं।
कोल इंडिया के अधिकार क्षेत्र में 447 कोयला ब्लॉक हैं। इनमें से अधिकांश की जांच- परख कर ली गई है।
इसके अलावा कोल इंडिया को कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम के तहत 10 और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत छह अन्य कोयला ब्लॉक और आवंटित किए गए हैं। इसके दम पर कोल इंडिया के पास देश में सबसे अधिक कोयला भंडार है।
इन सभी 463 कोयला ब्लॉक की कुल क्षमता 170 अरब टन है।
कंपनी को बाद में दिए गए 16 ब्लॉक में से प्रत्येक की न्यूनतम वार्षिक उत्पादन क्षमता एक करोड़ टन है। इनकी उच्चतम वार्षिक उत्पादन क्षमता 26.4 करोड़ टन है।
मौजूदा उत्पादन दर और भविष्य की वृद्धि के अनुमान को मिलाकर कोल इंडिया देश में बढ़ती कोयले की मांग को पूरा करने के लिए विस्तार करती रहेगी।
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