ताजा खबरें | वाणिज्य अनुदान चर्चा दो लोस

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. हालांकि उन्होंने इस बार बजट में इस मंत्रालय के आवंटन में 1990 करोड़ रुपये की कमी होने पर हैरानी जताई।

हालांकि उन्होंने इस बार बजट में इस मंत्रालय के आवंटन में 1990 करोड़ रुपये की कमी होने पर हैरानी जताई।

उन्होंने कहा कि हमें चर्म उद्योग को प्रोत्साहन देना चाहिए।

रेड्डी ने कहा कि देश में खनिजों का भंडार होते हुए भी विदेश से आयातित किया जाता है, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

जदयू के कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार आबादी के लिहाज से बड़ा राज्य है लेकिन उद्योगों के लिहाज से पिछड़ा है इसलिए उसे आगे ले जाने के लिए वहां एक औद्योगिक कॉरिडोर बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने राज्य में एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) स्थापित करने की भी मांग की। उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की अपनी मांग दोहराई।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए द्रमुक के डीएनवी सेंथिल कुमार ने कहा कि चर्म उद्योग क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और मंत्रालय इस क्षेत्र को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के माध्यम से लाभ देने पर ध्यान दे सकता है।

बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने कहा कि इस साल मंत्रालय के बजट आवंटन में कमी निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मंत्रालय है और ऐसे में बजट में कमी चिंताजनक है।

उन्होंने कोरोना महामारी के समय कोविड रोधी टीकों के उत्पादन में घरेलू फार्मा उद्योग की उपलब्धियों की भी सराहना की।

मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चमड़े के उद्योग में जो गिरावट आई है, उस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।

वहीं, कांग्रेस के कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इस समय रुपया सर्वकालिक निम्न स्तर पर है और भारतीय इतिहास में कभी इतने नीचे नहीं गया। उन्होंने कहा कि यह सरकार अर्थव्यवस्था को चलाने में सक्षम नहीं है।

भाजपा की अपराजिता सारंगी ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के 2021-22 में 400 अरब डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को समय से पहले ही प्राप्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के साथ रिकॉर्ड समय में मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने के लिए भी मंत्रियों और मंत्रालय के अधिकारियों की प्रशंसा की।

सारंगी ने कहा कि सदन में विपक्ष के कुछ सदस्य इस तरह की धारणा बनाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस मंत्रालय की अनुदान मांगों से बड़े उद्योगों को फायदा होने वाला है जबकिइससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

जारी

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