देश की खबरें | कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ टिप्पणी: न्यायालय ने सार्वजनिक माफी मांगने पर मप्र के मंत्री को फटकारा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह को भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने पर सोमवार को फटकार लगाई और कहा कि वह अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।
नयी दिल्ली, 28 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह को भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने पर सोमवार को फटकार लगाई और कहा कि वह अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि मंत्री का व्यवहार अदालत को उनकी मंशा पर संदेह पैदा करने के लिए मजबूर कर रहा है।
पीठ ने कहा, ‘‘इस तरह की माफ़ी से आपका क्या मतलब है? उन्होंने पहली तारीख़ को ही यह बयान दे दिया था। हम एक सार्वजनिक माफी की बात कर रहे हैं। यह रिकॉर्ड में कहां है? वह हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’’
शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने कहा कि उनके मुवक्किल ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है जिसे ऑनलाइन मंच पर साझा किया गया था और इसे अदालत के रिकॉर्ड में रखा जाएगा।
पीठ ने कहा, ‘‘ऑनलाइन माफी क्या होती है? हमें उनकी मंशा पर संदेह होने लगा है। आप माफीनामा रिकॉर्ड में रखें। हमें इसे देखना होगा।’’
पीठ ने मंत्री द्वारा दिए गए बयानों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को 13 अगस्त तक रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने को कहा।
एसआईटी के एक अधिकारी सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट लेकर अदालत में पेश हुए, जिसमें कहा गया कि जांच दल द्वारा पूछताछ किए गए 27 लोगों के बयानों की पड़ताल की जा रही है।
पीठ ने कहा कि शाह के बयानों के बजाय एसआईटी को उन लोगों के बयान दर्ज करने चाहिए थे जिनकी भावनाएं आहत हुई थीं।
इस बीच पीठ ने कांग्रेस नेता जया ठाकुर के शाह के इस्तीफे के अनुरोध वाली याचिका पर भी विचार करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि रिट याचिका में पिछले मामलों के बारे में लगाए गए कुछ आरोपों पर तीन सदस्यीय एसआईटी गौर करेगी।
न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारी 18 अगस्त निर्धारित की।
उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एसआईटी गठित की गई थी।
शीर्ष अदालत ने 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के लिए शाह के खिलाफ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया था और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।
शीर्ष अदालत ने 19 मई को शाह को फटकार लगाई थी और मंत्री के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।
विजय शाह उस वक्त विवादों में आ गए थे जब एक वीडियो में उन्हें कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते देखा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मीडिया ब्रीफिंग की थी। मीडिया ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ एक अन्य महिला अधिकारी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह भी होती थीं।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भी कर्नल कुरैशी के खिलाफ ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी करने और ‘‘घटिया ’’ का इस्तेमाल करने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और पुलिस को उनके खिलाफ शत्रुता व नफरत फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
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