ताप बिजली घरों में मिश्रण के लिये कोयले का आयात होगा बंद, कोल इंडिया करेगी आपूर्ति के समझौते

कोल इंडिया ने एक पत्र में अपनी अनुषंगी इकाइयों से कहा है, ‘‘आयात प्रतिस्थापन के लिये घरेलू कोयले की आपूर्ति को लेकर कई कदम उठाये जा रहे हैं। इस बारे में चार अप्रैल को विद्युत विभाग के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में कोयला मंत्रालय और बिजली मंत्रालय में हुई बैठकों में विचार किया गया।’’

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नयी दिल्ली, 25 मई केंद्र सरकार ने कोयला आधारित बिजली घरों में ईंधन के साथ मिलने के लिये कोयले का आयात चालू वित्त वर्ष से समाप्त करने का फैसला किया है। इसके लिये सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया से कोयले की घरेलू आपूर्ति को लेकर बिजली उत्पादक कंपनियों के साथ समझौता करने को कहा गया है।

कोल इंडिया ने एक पत्र में अपनी अनुषंगी इकाइयों से कहा है, ‘‘आयात प्रतिस्थापन के लिये घरेलू कोयले की आपूर्ति को लेकर कई कदम उठाये जा रहे हैं। इस बारे में चार अप्रैल को विद्युत विभाग के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में कोयला मंत्रालय और बिजली मंत्रालय में हुई बैठकों में विचार किया गया।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘बैठक में घरेलू कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में ईंधन में मिश्रण उद्देश्य के लिये कोयला आयात चालू वित्त वर्ष में शून्य के स्तर पर लाने का फैसला किया गया।’’

देश में कोयला प्रचूर मात्रा में है और इस समय समस्य कोयले की मांग में कमी की है।

सीआईएल ने अपनी इकाइयों को सूचित किया है, ‘‘उस बैठक में यह भी निर्णय किया गया कि आयातित कोयले की जगह दीर्घकालीन व्यवस्था के तहत घरेलू कोयले के उपयोग को लेकर सहमति पत्र (एमओयू) पर समझौता किया जाएगा। इसके अनुसार आयात प्रतिस्थापन के जरिये घरेलू कोयले की आपूर्ति को लेकर एमओयू का एक मॉडल तैयार किया गया है...। ’’

सीआईएल ने कहा कि एमओयू ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) का एक अभिन्न हिस्सा होगा। इसमें अच्छे कार्य के लिए प्रोत्साहन तथा आपूर्ति में कमी के लिए क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी होगा।

कोल इंडिया ने आगे कहा है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण(सीईए) सभी बिजली संयंत्रों/बिजली उत्पादक कंपनियों से कोयला कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने के लिये कहेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी बिजलीघरों को समझौते के अनुसार पूरा कोयला मिलता रहे।

बिजली मंत्रालय ने 28 अप्रैल को उत्पादक कंपनियों को परामर्श जारी कर कोयले का आयात कम करने और उसकी जगह घरेलू ईंधन के उपयोग करने को कहा था।

देश में वित्त वर्ष 2019-20 में 24.71 करोड़ टन कोयले का आयात किया गया जो उससे पिछले वित्त वर्ष के 23.53 करोड़ टन के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत अधिक है।

इससे पहले, कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने रज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर शुष्क ईंधन का आयात नहीं करने और कोल इंडिया से घरेलू आपूर्ति लेने को कहा था जिके पास पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है।

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