जरुरी जानकारी | एमडीओ मार्ग के जरिये परिचालन को कोल इंडिया ने 15 नयी खनन परियोजनाओं को पहचान की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने उत्पादन बढ़ाने की नयी रणनीति के तहत खनन परिचालकों सह डेवलपरों (एमडीओ) के जरिये परिचालन के लिये 15 खनन परियोजनाओं की पहचान की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 18 जून सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने उत्पादन बढ़ाने की नयी रणनीति के तहत खनन परिचालकों सह डेवलपरों (एमडीओ) के जरिये परिचालन के लिये 15 खनन परियोजनाओं की पहचान की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

कंपनी ने कहा कि कोल इंडिया ने उत्पादन में वृद्धि और आगामी वर्षों में कोयले के आयात पर निर्भरता को कम करने के लिये अपनी खदानों में खनन परिचालकों सह डेवलपरों (एमडीओ) को शामिल करने की एक परिवर्तनकारी योजना तैयार की है।

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कंपनी ने एक बयान में कहा कि 15 चिन्हित खदानों में 12 ब्लॉक खुले हैं और तीन भूमिगत हैं। इन खदानों की कुल संयुक्त लक्षित क्षमता लगभग 16.8 करोड़ टन प्रति वर्ष है।

कंपनी ने कहा कि इनमें से खुली परियोजनाओं में प्रति वर्ष 16.2 करोड़ टन की लक्षित क्षमता है। शेष सालाना 60 लाख टन की क्षमता भूमिगत परियोजनाओं की है।

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उसने बताया कि इन खदानों के लिये अनुबंध की अवधि 25 साल या खदान के जीवनकाल में से जो कम होगा, तब तक की होगी।

कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल ने हाल ही में मानक बोली दस्तावेज और खान डेवलपर सह ऑपरेटरों (एमडीओ) के लिये बोलियों के अनुरोध को मंजूरी दी थी। सीआईएल 2021-22 तक औपचारिकताएं पूरी करने की योजना बना रही है, ताकि सभी परियोजनाएं चालू हो जाएं और 2023-24 तक एक अरब टन में योगदान देने के लिये उत्पादन शुरू कर सकें।

एमडीओ मार्ग से परिचालन के लिये चिह्नित परियोजनाओं में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (एसईसीएल) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की की हिस्सेदारी क्रमश: 6.55 करोड़ टन प्रति वर्ष, 5.24 करोड़ टन प्रति वर्ष और 4.5 करोड़ टन प्रति वर्ष होगी। इनके अलावा ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के पास क्रमशः 30 लाख टन प्रति वर्ष और प्रति वर्ष 20 लाख टन की लक्षित क्षमता वाली परियोजनाएं होंगी।

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