जरुरी जानकारी | मांग में कमी से कोल इंडिया का उत्पादन 2020-21 में 60 करोड़ टन से कम रहने का अनुमान: विश्लेषक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड के उत्पादन में चालू वित्त वर्ष में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आ सकती है। मांग नरम होने की वजह से उत्पादन 60 करोड़ टन से नीचे जा सकता है। विश्लेषकों ने यह कहा है।

कोलकाता, 20 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड के उत्पादन में चालू वित्त वर्ष में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आ सकती है। मांग नरम होने की वजह से उत्पादन 60 करोड़ टन से नीचे जा सकता है। विश्लेषकों ने यह कहा है।

पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी का कोयला उत्पादन 60.2 करोड़ टन था।

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खनन कंपनी का उत्पादन 2020-21 में करीब 58 करोड़ टन रह सकता है, जबकि संशोधित लक्ष्य 65 से 66 करोड़ टन है।

ब्रोकरेज कंपनी मोतीलाल ओसवाल ने कोल इंडिया का उत्पादन 58.2 करोड़ टन और उठाव 56.5 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया है। वहीं आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इस साल उत्पादन 58 करोड़ टन और बिक्री 55 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया है।

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हालांकि कोल इंडिया को कोविड-19 संकट के कारण उत्पन्न बाधाओं के बावजूद 2020-21 में पिछले साल के 60.2 करोड़ टन उत्पादन में 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है।

कोयला कंपनी ने शुरू में चालू वित्त वर्ष के लिये उत्पादन 71 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया था।

एक विश्लेषक ने कहा, ‘‘कोल इंडिया को मांग के अनुसार उत्पादन करना है। वह क्षमता के अनुसार उत्पादन करते नहीं रह सकती। कोयले की मांग नरम बनी हुई है। वित्त वर्ष 2019-20 में उत्पादन 60.2 करोड़ टन था, लेकिन उठाव 58.1 करोड़ टन था।

ब्रोकरेज कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष में कोल इंडिया के ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्य ह्रास और एमोर्टाइजेशन से पूर्व आय) 17 से 18 प्रतिशत कम रहने का भी अनुमान जताया है।

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