जरुरी जानकारी | कोल इंडिया को दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों को कोयला आपूर्ति, बिक्री को रोकने का निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ताप विद्युत संयंत्रों को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों और अन्य वाणिज्यिक संगठनों को कोयले की आपूर्ति और बिक्री रोकने को कहा है।
नयी दिल्ली, 19 जनवरी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ताप विद्युत संयंत्रों को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों और अन्य वाणिज्यिक संगठनों को कोयले की आपूर्ति और बिक्री रोकने को कहा है।
यह निर्देश एक जनवरी से लागू दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कोयले और अन्य बिना मंजूरी वाले ईंधन के उपयोग पर प्रतिबंध के मद्देनजर आया है।
हालांकि, ताप बिजली घरों में कम सल्फर कोयले के इस्तेमाल की अनुमति है।
सीएक्यूएम के बयान के अनुसार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि सीआईएल की कंपनियां केंद्र के स्वामित्व वाले कोयला उत्पादक के आपूर्तिकर्ताओं, ‘स्टॉकिस्टों’ (थोक व्यापारियों) और एजेंटों को कोयले की आपूर्ति या आवंटन न कर सकें।
आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के ताप विद्युत संयंत्रों को छोड़कर वितरकों, व्यापारियों और डीलरों समेत व्यवसायों और संगठनों को कोयले की आपूर्ति बंद करने के लिए निर्देश दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के एनसीआर क्षेत्रों में स्वीकृत ईंधन पर काम नहीं करने वाली 84 औद्योगिक इकाइयों ने अस्थायी या स्थायी रूप से परिचालन बंद कर दिया है।
एक अक्टूबर से केवल 21 औद्योगिक इकाइयों को कोयला और फर्नेस ऑयल जैसे अस्वीकृत, अत्यधिक प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग करते हुए पाया गया है और बाद में उन्हें बंद कर दिया गया है।
एक जनवरी से अब तक केवल दो इकाइयां ऐसे अत्यधिक प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग करती पाई गई हैं।
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