जरुरी जानकारी | भ्रामक विज्ञापन देने के लिए कोचिंग संस्थान मलूका आईएएस पर जुर्माना लगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापन देने के लिए कोचिंग संस्थान 'मलूका आईएएस' पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकारी निकाय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 31 मई केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापन देने के लिए कोचिंग संस्थान 'मलूका आईएएस' पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकारी निकाय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सीसीपीए ने पाया कि मलूका आईएएस ने अपने विज्ञापनों में छात्रों द्वारा लिए गए पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई। उसने दावा किया था कि इन छात्रों ने प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षाओं (सीएसई) में सफलता पाई है।

एक सरकारी बयान के मुताबिक, कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों में ‘यूपीएससी सीएसई 2022 में 120 से अधिक चयन’ और ‘गारंटीड प्रीलिम्स और मेन्स’ का दावा किया गया था। लेकिन यह खुलासा नहीं किया गया था कि 136 सफल उम्मीदवारों में से केवल दो ने ही भुगतान वाले पाठ्यक्रम लिए थे, जबकि शेष 134 छात्र निःशुल्क साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम का हिस्सा थे।

उपभोक्ता नियामक ने कहा कि विज्ञापनों ने ‘‘जानबूझकर महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर’’ भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन किया। इस पर मलूका आईएएस को भ्रामक विज्ञापन बंद करने के लिए कहा गया है।

सीसीपीए ने अपने आदेश में कहा कि 'गारंटीड प्रीलिम्स और मेन्स' के दावे ने मलूका आईएएस की सेवाओं की प्रकृति और गुणवत्ता के बारे में उपभोक्ताओं को गुमराह किया, जिससे यह धारणा बनी कि नामांकन लेने वाले किसी भी छात्र को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने का आश्वासन दिया जाएगा।

सीसीपीए ने कहा कि सफल छात्रों के पाठ्यक्रम के बारे में उचित खुलासे की कमी ने उपभोक्ताओं को कोचिंग संस्थानों का चयन करते समय सूचित विकल्प अपनाने से वंचित कर दिया।

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