देश की खबरें | बीच कुटीर आवंटन को लेकर गोवा पर्यटन विभाग और एमपीटी के बीच टकराव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गोवा में समुद्र तट (बीच) के निकट कुटीर आवंटन को लेकर पर्यटन विभाग तथा मोरमुगाओ पत्तन न्यास (एमपीटी) के बीच टकराव हो गया है। एमपीटी इस बात पर अड़ा है कि कुटीर मालिकों को कोई भी ढांचा खड़ा करने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना चाहिये।

पणजी, 13 नवंबर गोवा में समुद्र तट (बीच) के निकट कुटीर आवंटन को लेकर पर्यटन विभाग तथा मोरमुगाओ पत्तन न्यास (एमपीटी) के बीच टकराव हो गया है। एमपीटी इस बात पर अड़ा है कि कुटीर मालिकों को कोई भी ढांचा खड़ा करने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना चाहिये।

गोवा के समुद्र तट पर कुटीर बनाए गए हैं। राज्य में कुछ समुद्र तट एमपीटी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

एमपीटी के उपाध्यक्ष जी पी राय ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "अगर बंदरगाह के आसपास कुछ भी स्थापित करना है, तो आपको बंदरगाह से अनुमति लेनी होगी। सभी प्रकार की संरचनाओं के लिए (अनुमति लेने की) प्रक्रिया है।"

उन्होंने कहा कि बंदरगाह प्राधिकरण उनकी (बंदरगाह) गतिविधियों में किसी भी बाधा को दूर करने के लिये निरीक्षण करेगा, जिसके बाद पर्यटन विभाग कुटीर लगाने के लिये एनओसी प्रदान करेगा।

अधिकारी ने कहा, "एनओसी मामूली शुल्क पर प्रदान की जाएगी, जो कि प्रमुख बंदरगाहों के टैरिफ प्राधिकरण द्वारा दरों के पैमाने के अनुसार तय की जाएगी।"

इस बीच राज्य के पर्यटन विभाग ने एमपीटी से कहा है कि वह ‘बीच’ कुटीर नीति 2019-22 के अनुसार अनुमति प्राप्त कुटीर के निर्माण में हस्तक्षेप न करे।

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