देश की खबरें | प्रधान न्यायाधीश ने विजयवाड़ा में नए नगर अदालत परिसर का उद्घाटन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण ने शनिवार को विजयवाड़ा में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बने नए आधुनिक नगर अदालत परिसर का उद्घाटन किया।
अमरावती, 20 अगस्त भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण ने शनिवार को विजयवाड़ा में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बने नए आधुनिक नगर अदालत परिसर का उद्घाटन किया।
प्रधान न्यायाधीश रमण ने नौ साल पहले (अविभाजित) आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहते हुए इसकी आधारशिला रखी थी।
न्यायमूर्ति रमण ने कहा कि यह उनके लिए यह इसलिए भी गर्व का क्षण है क्योंकि इसी न्यायालय में उन्होंने 1983 में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रवींद्र राव के अधीन बेजवाड़ा बार एसोसिएशन के सदस्य के तौर पर एक वकील के रूप में प्रैक्टिस शुरू की थी।
उद्घाटन समारोह में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा, कई मंत्री, न्यायाधीश और बेजवाड़ा बार एसोसिएशन के सदस्य शामिल हुए।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''एक मई, 2013 को मैंने इस बहुमंजिला इमारत की आधारशिला रखी थी। राज्य के विभाजन और सरकारों द्वारा धन का आवंटन न करने व अन्य कारणों से इसके निर्माण में देरी हुई। मुझे खुशी है कि यह अब तैयार हो चुका है और मैं इसका उद्घाटन करने को लेकर भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।''
इस आठ मंजिला इमारत का निर्माण कार्य पूरा होने में पांच साल की देरी हुई है। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने परियोजना को पूरा करने के लिए धनराशि स्वीकृत नहीं करने और बिलों का भुगतान न करने को लेकर मौजूदा वाईआरएस कांग्रेस सरकार की आलोचना की थी।
प्रधान न्यायाधीश ने इसका उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और कई मुख्यमंत्रियों से न्यायिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। उन्होंने विशेष रूप से केंद्र से वित्तीय सहायता देने के लिए कहा था क्योंकि कई राज्य वित्तीय संकट से जूझ रहे थे।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''अदालत परिसर बनाने के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोष देने के मेरे प्रस्ताव का केंद्र की ओर से विरोध किया गया। मैं शुक्रगुजार हूं कि बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कुछ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हमारे प्रस्ताव का समर्थन किया।''
उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम में अदालतों के निर्माण के लिए धन की कमी के चलते अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद काम रोक दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री इसे पूरा करने के लिए धनराशि सुनिश्चित करेंगे।
नया केंद्रीय-वातानुकूलित परिसर लगभग 15,000 वर्ग मीटर दायरे में फैला है। इसके तहत शहर के विभिन्न परिसरों में काम कर रही सभी अदालतें एक ही छत के नीचे सुनवाई कर सकेंगी।
नए परिसर में 29 विशाल अदालत कक्ष, सत्र न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों के लिए विशेष कक्ष, लोक अभियोजकों के लिए कमरे, लोगों के लिए प्रतीक्षालय एवं अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें एक बैंक, डाकघर और भोजनालय भी बनाया गया है।
उद्घाटन के बाद न्यायमूर्ति रमण, न्यायमूर्ति मिश्रा और मुख्यमंत्री रेड्डी ने परिसर में पौधारोपण भी किया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश के हैदराबाद से अमरावती पहुंचने पर होटल नोवोटेल में उनसे मुलाकात की। दोनों ने करीब 20 मिनट तक बैठक की, जिसे अधिकारियों ने ‘शिष्टाचार’ बैठक बताया।
तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष एवं आंध्र विधानसभा में विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने भी होटल पहुंचकर न्यायमूर्ति रमण से मुलाकात की। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश को एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)